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उत्तराखंड : छात्र ने खत्म कर दी अपनी जिंदगी, साथी छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप

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BAMS छात्र की आत्महत्या से मचा हंगामा, परीक्षा प्रणाली पर उठे सवाल

उत्तराखंड के हरिद्वार से एक दर्दनाक खबर सामने आ रही है। जहां एक छात्र ने खौफनाक कदम उठाते हुए अपनी जीवनलीला समाप्त कर दी। दरअसल ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के बीएएमएस (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) द्वितीय वर्ष के छात्र यशपाल (23) की आत्महत्या कर ली। जिसके बाद कॉलेज परिसर में शोक और आक्रोश का माहौल है। साथी छात्रों ने प्रशासनिक लापरवाही और परीक्षा प्रणाली में देरी को इस त्रासदी की पृष्ठभूमि बताया है। इस घटना से जहां मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है वहीं इस शैक्षणिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के मुताबिक यशपाल, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के इंद्रानगर क्षेत्र के निवासी थे और हरिद्वार के मायापुर में किराये पर रहकर पढ़ाई कर रहे थे। बीते सप्ताह 7 फरवरी को परीक्षा देने के बाद वह अपने कमरे से निकले, लेकिन वापस नहीं लौटे। देर रात तक संपर्क न होने पर साथियों ने तलाश शुरू की। कमरे की तलाशी में एक सुसाइड नोट मिला, जिसमें उन्होंने खुद को ‘असफल इंसान’ बताते हुए गहरी हताशा व्यक्त की थी। उनके नोट में लिखे शब्द थे:- ‘मैं एक असफल इंसान हूं, जिंदगी से हार गया।’

कुछ दिनों की खोजबीन के बाद आज शनिवार सुबह पथरी पावर हाउस के समीप गंगा में एक युवक का शव मिला, जिसकी पहचान यशपाल के रूप में हुई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। परिजनों को भी सूचित कर दिया गया है। घटना की खबर फैलते ही कॉलेज में पढ़ने वाले छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कॉलेज परिसर और अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करते हुए परीक्षा प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी को गंभीर समस्या बताया। छात्रों का आरोप है कि समय पर परीक्षा और परिणाम घोषित न होने के कारण बीएएमएस की डिग्री पूरी करने में छह से सात वर्ष तक लग रहे हैं, जिससे विद्यार्थियों पर मानसिक दबाव बढ़ रहा है। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए तालाबंदी भी की गई।

कॉलेज प्रबंधन ने छात्र की शैक्षणिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि यशपाल की दो विषयों में सप्लीमेंट्री थी और हालिया परीक्षा का पेपर भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं गया था। प्रबंधन का कहना है कि परीक्षा आयोजन और मूल्यांकन की प्रक्रिया विश्वविद्यालय स्तर पर तय होती है, जिसमें हाल के नियमों के तहत दोहरी जांच जैसी तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण समय लग रहा है। मामले पर शहर कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों को शांत कराने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच सुसाइड नोट के आधार पर आत्महत्या की ओर संकेत करती है, हालांकि पूरे घटनाक्रम की गहनता से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई स्पष्ट होगी।