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चम्पावत में पशुपालकों को मिला नया बाजार, ITBP को 473 किलो बकरी की पहली खेप की आपूर्ति

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सेवा संकल्प अभियान के तहत पशुपालन विभाग और ITBP के बीच एमओयू लागू, बकरी पालकों को बिचौलियों से मुक्ति दिलाकर सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने की पहल

चम्पावत। सीमांत क्षेत्र के बकरी पालकों को स्थानीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में चम्पावत में महत्वपूर्ण पहल शुरू हुई है। पशुपालन विभाग और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के बीच हुए समझौते के तहत स्थानीय पशुपालकों से बकरी की पहली खेप की आपूर्ति कर दी गई है। 12 अक्टूबर 2026 को सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ITBP की 36वीं बटालियन लोहाघाट को स्थानीय पशुपालकों ने 473 किलोग्राम जीवित बकरी की आपूर्ति की।

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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्थानीय पशुपालकों की आजीविका मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस पहल को बकरी पालकों के लिए बाजार के नए अवसर के रूप में देखा जा रहा है। समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन से पशुपालकों को अपने उत्पाद की बिक्री के लिए एक संस्थागत खरीदार उपलब्ध होगा, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में आपूर्ति के दौरान गुणवत्ता और पशु स्वास्थ्य मानकों का विशेष ध्यान रखा गया। पशुपालन विभाग के डॉ. दीपक और ITBP की ओर से असिस्टेंट कमांडेंट डॉ. धर्मेंद्र सिंह ने मौके पर पहुंचकर बकरियों के वजन, गुणवत्ता और स्वास्थ्य की संयुक्त रूप से जांच की। आपूर्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए गठित लाइन कमेटी के सदस्यों ने भी पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण और सत्यापन किया।

मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य स्थानीय बकरी पालकों को बिचौलियों के शोषण से बचाना और उनके लिए स्थायी व सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से सुरक्षा बलों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण आपूर्ति मिलेगी, वहीं सीमांत क्षेत्र के पशुपालकों को अपनी आजीविका बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

पहली आपूर्ति के साथ ही चम्पावत में पशुपालन विभाग और ITBP के बीच हुए समझौते के धरातल पर उतरने की शुरुआत हो गई है। अब इस पहल की सफलता स्थानीय पशुपालकों की नियमित भागीदारी और भविष्य में होने वाली आपूर्ति पर निर्भर करेगी।