चम्पावत में करियर काउंसलिंग की पहल, विद्यार्थियों को बताए प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार के रास्ते
बलिदानी सैनिक शिरोमणि चिलकोटी बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट ट्रस्ट ने शुरू किया अभियान, कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को मिला करियर मार्गदर्शन
चम्पावत, 22 अक्टूबर। युवाओं को करियर के सही विकल्प चुनने और शिक्षा के बाद रोजगार की संभावनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से बलिदानी सैनिक शिरोमणि चिलकोटी बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट ट्रस्ट ने पहल की है। गुरुवार को पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज (GIC), चम्पावत में करियर काउंसलिंग कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसमें कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि लोकमणी पंत रहे, जबकि अध्यक्षता विद्यालय के प्रधानाचार्य उमेद सिंह बिष्ट ने की। कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग सर्विसेज के मालिक बंशीधर चिलकोटी विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन ट्रस्ट के संस्थापक जनार्दन चिलकोटी ने किया। इस दौरान आईटीआई के प्रतिनिधियों ने भी विद्यार्थियों को करियर संबंधी जानकारी दी। कार्यक्रम का आयोजन बलिदानी सैनिक शिरोमणि चिलकोटी बॉर्डर एरिया डेवलपमेंट ट्रस्ट की ओर से किया गया, जबकि कुमाऊं इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग सर्विसेज ने प्रायोजक के रूप में सहयोग दिया।

रुचि और योग्यता के अनुसार करियर चुनने पर जोर
काउंसलिंग के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप करियर का चयन करने के लिए प्रेरित किया गया। उन्हें विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं, तकनीकी पाठ्यक्रमों, व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार की संभावनाओं से अवगत कराया गया। साथ ही भविष्य में करियर बदलने के विकल्पों और उपलब्ध सहयोग के बारे में भी जानकारी दी गई। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने, समय का सदुपयोग करने और निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समय पर सही करियर मार्गदर्शन मिलने से विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप बेहतर निर्णय ले सकते हैं और रोजगार के उपलब्ध अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।


सीमांत क्षेत्र के युवाओं को अवसरों से जोड़ने की पहल
ट्रस्ट की यह पहल सीमांत क्षेत्र के विद्यार्थियों को करियर संबंधी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने और उन्हें शिक्षा से रोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शैक्षणिक विकल्पों तक सीमित न रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल विकास, तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने के रास्तों से परिचित कराना है।

