राजधानी दिल्ली में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन, सुबह 4 बजे पुलिस ने लिया हिरासत में; करीब दो घंटे बाद रिहा
देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता को दिल्ली पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब चार बजे हिरासत में ले लिया। उन्हें नजदीकी थाने ले जाया गया, जहां से करीब दो घंटे बाद सुबह छह बजे के आसपास रिहा कर दिया गया। इस दौरान कांग्रेस नेता पवन खेड़ा समेत कई विपक्षी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिए जाने की सूचना है।
अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले में चर्चित कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। इस मामले से जुड़े कथित वीआईपी की पूर्वोत्तर राज्य के राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर उठे सवालों के बीच उन्होंने मांग की कि मामले की जांच और तथ्यों की स्पष्टता के बिना इस प्रकरण से जुड़े सवालों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
जानकारी के मुताबिक, इंडिया गेट पर धरना शुरू होने के बाद सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और अंकिता के माता-पिता को एहतियातन हिरासत में ले लिया। पुलिस की ओर से संवेदनशील क्षेत्र में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन किए जाने का हवाला दिया गया। हिरासत में लिए जाने की सूचना मिलने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य नेताओं के भी अंकिता के माता-पिता से मिलने पहुंचने की जानकारी सामने आई।

2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
अंकिता भंडारी पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट की रहने वाली थीं। सितंबर 2022 में ऋषिकेश के वनंत्रा रिजॉर्ट में उनकी हत्या कर दी गई थी। मामले में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य और उसके दो सहयोगियों सौरभ भास्कर तथा अंकित को गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने तीनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हत्याकांड सामने आने के बाद से ही मामले में एक कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इस संबंध में विभिन्न दावे और आरोप सार्वजनिक रूप से सामने आए, लेकिन किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय किया जा सकता है।

VIP की भूमिका की जांच पर टिकी निगाहें
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों के बीच इस मामले की जांच और उससे जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किए जाने की मांग लगातार उठती रही है। इंडिया गेट पर अंकिता के माता-पिता का धरना इसी मांग को फिर राष्ट्रीय चर्चा में ले आया है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं और परिवार को न्याय दिलाने की मांग पर आगे क्या कार्रवाई होती है।

