नगरूघाट पहुंचे डीएम मनीष कुमार, बदहाल सड़क पर जताई नाराजगी; पर्यटन हब बनाने की तैयारी
टीजे सड़क से बदलेगी सीमांत क्षेत्र की तस्वीर, एंग्लिंग हब के रूप में होगा विकास; ग्रामीणों ने सड़क, पुल, सिंचाई और शिक्षा से जुड़ी समस्याएं उठाईं


लोहाघाट/चम्पावत। दूरस्थ सीमांत क्षेत्र नगरूघाट पहुंचे जिलाधिकारी मनीष कुमार ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मंगलवार को विकासखंड लोहाघाट के नगरूघाट पहुंचे डीएम ने पासम–बलूटा–नगरूघाट सड़क की बदहाली पर नाराजगी जताते हुए पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता को सड़क का जल्द सुधारीकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने महाकाली नदी के किनारे बसे नगरूघाट को पर्यटन और एंग्लिंग हब के रूप में विकसित करने की बात भी कही।



भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने नागार्जुन बाबा मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से संवाद कर सड़क, पेयजल, सिंचाई, शिक्षा, खेल मैदान और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि टीजे सड़क के निर्माण से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी। नगरूघाट की प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए इसे पंचेश्वर की तर्ज पर एंग्लिंग हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकेंगे।
सड़क, पुल और सिंचाई की समस्याएं उठाईं
ग्रामीणों ने नगरूघाट तक सड़क पहुंचाने, असलाड़ सड़क की मरम्मत, आपदा में क्षतिग्रस्त होकर बह गए डूंगरा–लेटी को जोड़ने वाले पुल के पुनर्निर्माण और नगरूघाट पैदल मार्ग की मरम्मत की मांग उठाई। बगोटी के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रेम सिंह ने भी सड़क सुधारीकरण और पुलिया निर्माण की आवश्यकता बताई। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पासम के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि चंद्रकांत तिवारी ने नगरूघाट की क्षतिग्रस्त सिंचाई गूल की मरम्मत कराने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि सिंचाई व्यवस्था बहाल होने से क्षेत्र में खेती को बढ़ावा मिल सकेगा। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि नगरूघाट कृषि बहुल क्षेत्र है और सिंचाई गूल के निर्माण के लिए कार्रवाई की जाएगी, जिससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सके। उन्होंने गौसदन खोलने की मांग पर भी ग्रामीणों से संवाद किया। क्षेत्र में पेयजल की समस्या सामने आने पर डीएम ने इसके शीघ्र समाधान का भरोसा दिलाया और बुजुर्गों से भी उनकी समस्याएं पूछीं।
स्कूलों की मरम्मत और खेल मैदान का आश्वासन
सुल्ला के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि त्रिलोक सिंह ने राजकीय इंटर कॉलेज रौसाल में विज्ञान प्रयोगशाला स्थापित करने की मांग उठाई। वहीं, ग्रामीणों ने नगरूघाट प्राथमिक विद्यालय के भवन की मरम्मत की आवश्यकता बताई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को विद्यालय भवन की शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
पासम के युवाओं ने खेल मैदान निर्माण की मांग रखी। जिलाधिकारी ने इस दिशा में कार्रवाई का आश्वासन देते हुए युवाओं को क्रिकेट किट भेंट की। जनप्रतिनिधि रमेश चंद और अन्य ग्रामीणों ने नागार्जुन बाबा मंदिर के सौंदर्यीकरण तथा परिसर में सोलर लाइट लगाने की मांग भी रखी। डीएम ने दोनों कार्यों के लिए शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सीमा क्षेत्र का भी किया निरीक्षण
नगरूघाट भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने सीमावर्ती क्षेत्र का निरीक्षण किया और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों से सीमा की स्थिति के संबंध में जानकारी ली। ग्रामीणों ने डीएम के नगरूघाट पहुंचने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मनीष कुमार क्षेत्र में पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने वाले पहले जिलाधिकारी हैं। उन्होंने दूरस्थ सीमांत क्षेत्र में पहुंचकर जनसमस्याओं के समाधान की पहल करने पर जिलाधिकारी का आभार जताया।
इस दौरान पासम के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि चंद्रकांत तिवारी, कायल के ग्राम प्रधान मोहन सिंह, बगोटी के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि प्रेम सिंह, जनप्रतिनिधि मोहन चंद, सुल्ला के ग्राम प्रधान प्रतिनिधि त्रिलोक सिंह, राजस्व उपनिरीक्षक अंकिता खाती सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

