पंतनगर में बस-बाइक की भीषण भिड़ंत, दो दोस्तों की मौत; चार बेटियों के सिर से उठा पिता का साया
किच्छा से हल्द्वानी लौट रहे थे दोनों, कुलदीप अरोड़ा की मौके पर मौत, गुलशन कुशवाहा ने अस्पताल में तोड़ा दम; घर के बाहर खड़ा रहा ई-रिक्शा
रुद्रपुर/हल्द्वानी। ऊधम सिंह नगर जिले के पंतनगर क्षेत्र में सोमवार शाम बस और बाइक की भीषण भिड़ंत में दो दोस्तों की मौत हो गई। हादसे में हल्द्वानी के मुखानी स्थित निशांत विहार निवासी 49 वर्षीय कुलदीप अरोड़ा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ बाइक पर सवार 48 वर्षीय गुलशन कुशवाहा ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। दोनों किच्छा से हल्द्वानी लौट रहे थे। हादसे ने कुलदीप के परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। ई-रिक्शा चलाकर चार बेटियों का पालन-पोषण करने वाले कुलदीप ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 6:30 बजे सेंचुरी पल्प एंड पेपर मिल की बस संख्या UK 06 PA 0383 कर्मचारियों को किच्छा की ओर छोड़ने जा रही थी। शांतिपुरी क्रॉसिंग से कुछ पहले राज हार्डवेयर के पास बस और सामने से आ रही बाइक संख्या UK 04 Z 9879 की जोरदार भिड़ंत हो गई। बाइक पर कुलदीप और उनके दोस्त गुलशन सवार थे। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कुलदीप ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि गुलशन गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पंतनगर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल गुलशन को एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किच्छा पहुंचाया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी भी मौत हो गई। वहीं, कुलदीप के शव को पोस्टमार्टम के लिए रुद्रपुर भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल पर मिले आधार कार्ड और मोबाइल फोन की मदद से दोनों की पहचान कर परिजनों को सूचना दी। थाना प्रभारी नंदन सिंह रावत के अनुसार, मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
चार बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उठाते थे कुलदीप
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू कुलदीप के परिवार से जुड़ा है। वह ई-रिक्शा चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे। उनकी चार बेटियां हैं और परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी बड़ी बेटी आशी पढ़ाई के साथ एक सराफा दुकान में काम भी करती है। पिता की मौत से परिवार के सामने भावनात्मक संकट के साथ भविष्य और रोजमर्रा के खर्चों को लेकर भी चुनौती खड़ी हो गई है।
परिजनों के मुताबिक, कुलदीप सोमवार को अपने दोस्त गुलशन के साथ बाइक से किच्छा गए थे। दोनों के बीच गहरी दोस्ती थी और गुलशन का कुलदीप के घर भी आना-जाना था। शाम को दोनों साथ ही हल्द्वानी लौट रहे थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने दोनों की जिंदगी छीन ली।
कुलदीप की पत्नी हनी हादसे की सूचना मिलने के बाद एक बेटी को लेकर ऊधम सिंह नगर चली गईं। बताया गया कि देर रात तक घर पर मौजूद अन्य बेटियों को पिता की मौत की जानकारी नहीं थी। जिस पिता के लौटने का परिवार इंतजार कर रहा था, उनकी मौत की खबर ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।
घर के बाहर खड़ा रहा ई-रिक्शा, नहीं लौटे उसके चालक
कुलदीप दिनभर ई-रिक्शा चलाकर परिवार की जरूरतें पूरी करते थे। हादसे के दिन भी उनका ई-रिक्शा घर के बाहर खड़ा था। परिवार को उनके लौटने का इंतजार था, लेकिन वह कभी वापस नहीं आए। घर के बाहर खड़ा ई-रिक्शा उस मेहनतकश पिता के संघर्ष की कहानी बयां करता रहा, जो अपनी चार बेटियों के भविष्य के लिए रोज मेहनत करता था।
उधर, गुलशन कुशवाहा के परिवार और मूल पते के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, गुलशन का परिवार मुखानी के निशांत विहार क्षेत्र में नहीं रहता था। सूचना मिलने के बाद पुलिस उनके परिजनों से संबंधित विवरण जुटाने में लगी है। पंतनगर में हुए इस हादसे ने दो परिवारों को गहरे दुख में डाल दिया है। एक परिवार ने अपनी बेटियों का सहारा खो दिया, जबकि दूसरे परिवार ने अपना प्रियजन। पुलिस दुर्घटना के संबंध में आगे की कार्रवाई कर रही है।

