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रोडवेज कर्मियों की हड़ताल को कांग्रेस का समर्थन, पूर्व विधायक खर्कवाल बोले- मांगें नहीं मानीं तो पार्टी भी उतरेगी आंदोलन में

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टनकपुर ISBT धरनास्थल पर पहुंचे हेमेश खर्कवाल; लोहाघाट में संविदा और विशेष श्रेणी कर्मियों का बेमियादी कार्य बहिष्कार शुरू, बस संचालन प्रभावित

चम्पावत/टनकपुर/लोहाघाट। रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन को विपक्षी कांग्रेस ने समर्थन दिया है। चम्पावत के पूर्व विधायक हेमेश खर्कवाल ने 30 अक्टूबर को टनकपुर के निर्माणाधीन आईएसबीटी स्थित धरनास्थल पर पहुंचकर कर्मचारी यूनियन के आंदोलन को समर्थन दिया। उन्होंने कहा कि रोडवेज कर्मियों की मांगें जायज हैं और रोडवेज के हित में हैं। मांगों का समाधान नहीं होने पर कांग्रेस भी कर्मचारियों के साथ आंदोलन करने को मजबूर होगी।

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रोडवेज की दो कर्मचारी यूनियन नियमित नियुक्ति, समान काम-समान वेतन, बस बेड़ा बढ़ाने सहित सात मांगों को लेकर अलग-अलग बैनरों के तहत आंदोलन कर रही हैं। उत्तरांचल रोडवेज कर्मचारी यूनियन की क्षेत्रीय इकाई 30 अक्टूबर से बेमियादी कार्य बहिष्कार पर है, जबकि उत्तरांचल परिवहन मजदूर संघ 24 अक्टूबर से धरना दे रहा है। आंदोलन के चलते बस संचालन पर आंशिक असर पड़ा है, जिससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लोहाघाट में संविदा और विशेष श्रेणी कर्मियों का कार्य बहिष्कार

लोहाघाट में रोडवेज कर्मचारी यूनियन ने मांगों के समर्थन में बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है। देहरादून में रोडवेज प्रशासन और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई वार्ता में कोई समाधान नहीं निकलने से नाराज संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर चले गए हैं। यूनियन अध्यक्ष महिपाल सिंह और शाखा मंत्री संतोष कुमार ने बताया कि सभी संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारी हड़ताल में शामिल हो गए हैं। हालांकि, नियमित रोडवेज कर्मचारियों ने बसों का संचालन किया।

कर्मचारियों ने समान कार्य के लिए समान वेतन, तीन माह से रुके वेतन का भुगतान, डिपो में बसों की संख्या बढ़ाने और कार्यशाला में सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। वेतन में कटौती को लेकर भी कर्मचारियों ने गंभीर चिंता जताई है। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी गई है।

ये हैं रोडवेज कर्मियों की प्रमुख मांगें

  • संविदा और विशेष श्रेणी के कर्मचारियों का नियमितीकरण।
  • सभी कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन।
  • रोडवेज के बस बेड़े में नई बसें शामिल करना।
  • कर्मचारियों को नियमित रूप से समय पर वेतन का भुगतान।
  • तीन माह से लंबित वेतन का भुगतान।
  • डिपो में बसों की संख्या बढ़ाना।
  • कार्यशाला में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना।