चम्पावत में प्रशासन की कार्यशैली पर सियासी घमासान, खर्कवाल ने लगाए पक्षपात के आरोप
पूर्व विधायक ने वन स्वीकृति के बिना सड़क कटिंग और लाखों के खर्च पर उठाए सवाल
चम्पावत। पूर्व विधायक एवं कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष हेमेश खर्कवाल ने जिलाधिकारी की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए प्रशासन पर राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगाए हैं। शनिवार को जिला मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि डीएम भाजपा के जिलाध्यक्ष और गोविंद सामंत कार्यकारी जिलाध्यक्ष की भूमिका निभा रहे हैं। खर्कवाल के इस बयान से जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है।
खर्कवाल ने आरोप लगाया कि जिले में कई स्थानों पर वन स्वीकृति के बिना सड़क कटिंग कराई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि 10 से 15 लाख रुपये खर्च कर रातोंरात सड़कें काटी जा रही हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक किलोमीटर सड़क निर्माण पर करीब 60 लाख रुपये तक खर्च होते हैं, तो आवश्यक स्वीकृतियों के बिना सड़क कटिंग किस आधार पर कराई जा रही है। कांग्रेस नेता ने संबंधित सड़क निर्माण कार्यों की प्रशासनिक एवं वन स्वीकृतियों, खर्च और कार्यदायी संस्थाओं से जुड़ा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में नियमों का पालन और सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दबाव बनाने का भी आरोप
हेमेश खर्कवाल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर भाजपा के पक्ष में आने और मुख्यमंत्री के समर्थन में काम करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी निष्पक्ष रहकर कानून के अनुसार काम करना है। अधिकारियों को किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने के बजाय जनता की समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों के निष्पक्ष क्रियान्वयन पर ध्यान देना चाहिए।

