चम्पावत: खाई में गिरने से महिला की मौत, ग्रामीण बोले- नजदीक अस्पताल होता तो बच सकती थी जान
मटियानी गांव में घास काटने गई थीं 48 वर्षीय सावित्री देवी, खालगढ़ से 108 एंबुलेंस के जरिए पहुंचाया गया लोहाघाट अस्पताल
लोहाघाट/चम्पावत। विकासखंड लोहाघाट के सीमांत मटियानी गांव में बुधवार को घास काटने गई 48 वर्षीय सावित्री देवी की खाई में गिरने से मौत हो गई। हादसे से परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर है। घटना के बाद ग्रामीणों ने क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उठाते हुए कहा कि यदि नजदीक अस्पताल की सुविधा होती तो शायद सावित्री देवी की जान बचाई जा सकती थी।
जानकारी के अनुसार, मटियानी निवासी सावित्री देवी पत्नी केशव सिंह बुधवार सुबह गांव की अन्य महिलाओं के साथ जंगल में घास काटने गई थीं। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वह गहरी खाई में जा गिरीं। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं। साथ गई महिलाओं की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें खाई से बाहर निकाला।
ग्रामीण घायल सावित्री देवी को निजी वाहन से खालगढ़ तक लेकर आए। वहां से 108 एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर तहसीलदार मोहिउद्दीन और राजस्व उप निरीक्षक अंकिता खाती अस्पताल पहुंचे। तहसीलदार के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। सावित्री देवी अपने पीछे पति, दो बेटे और दो बेटियों को छोड़ गई हैं। घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर घास काटने और पशुओं के लिए चारा जुटाने के दौरान होने वाले हादसे ग्रामीण महिलाओं की मुश्किलों को उजागर करते हैं। वहीं, आपात स्थिति में अस्पताल तक पहुंचने में लगने वाला समय सीमांत क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं और त्वरित चिकित्सा सुविधा की जरूरत को फिर सामने लाता है।

