चंपावतनवीनतमपिथौरागढ़

कुत्ते के काटने की बात छुपाना पड़ा भारी, इलाज के अभाव में 12 वर्षीय छात्र की दर्दनाक मौत

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लोहाघाट/चम्पावत। पिथौरागढ़ जिले के सीमांत क्षेत्र धारचूला से एक बेहद दर्दनाक और आंखें खोलने वाली खबर सामने आई है। धारचूला के जुम्मा गांव निवासी 12 वर्षीय छात्र मोहित धामी की रेबीज के कारण असमय मौत हो गई। कक्षा 5 में पढ़ने वाले मोहित को करीब तीन महीने पहले एक कुत्ते ने काट लिया था, लेकिन डर या लापरवाही के कारण उसने यह बात अपने परिजनों से छुपाए रखी। यही चूक अंततः उसकी मौत का कारण बन गई।

परिजनों के अनुसार, चार-पांच दिन पहले मोहित की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। रेबीज के लक्षण उभरने पर परिजन उसे शनिवार को पिथौरागढ़ जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत सुशीला तिवारी अस्पताल, हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया।मोहित को 108 एम्बुलेंस के जरिए हल्द्वानी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में लोहाघाट के पास उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई। आपातकालीन स्टाफ उसे तुरंत लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय लेकर आया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। लोहाघाट अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही बच्चा दम तोड़ चुका था, ईसीजी जांच में इसकी पुष्टि हुई। मृतक के पिता मजदूरी करते हैं। कानूनी प्रक्रिया के बाद छात्र के शव को वापस पिथौरागढ़ भेज दिया गया है।

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इस दुखद घटना के बाद डॉ. विराज राठी ने कहा कि कुत्ते या किसी भी अन्य आवारा जानवर के काटने पर रेबीज रोधी (Anti-Rabies) इंजेक्शन लगाना बेहद जरूरी है। जानवर के काटने पर घाव को बिना देरी किए तुरंत साफ बहते पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं, फिर सीधे अस्पताल आएं।

महीनों बाद दिखते हैं लक्षण:— रेबीज एक जानलेवा और लाइलाज बीमारी है। इसके लक्षण जानवर के काटने के कई महीनों या सालों बाद भी उभर सकते हैं। बच्चों को समझाएं कि यदि उन्हें कोई जानवर काटे या खरोंचे, तो वे इसे छुपाएं नहीं बल्कि तुरंत घर पर बताएं।

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