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लोहाघाट अस्पताल से स्त्री रोग विशेषज्ञ का तबादला, भड़की विकास संघर्ष समिति; आंदोलन और भूख हड़ताल की चेतावनी

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डॉ. मोनिका गिरी के स्थानांतरण का विरोध, गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की जताई चिंता

लोहाघाट/चम्पावत। चम्पावत जनपद के सबसे अधिक ओपीडी वाले लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय से स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गिरी के स्थानांतरण का विरोध शुरू हो गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा उनका तबादला लोहाघाट से शक्तिफार्म किए जाने की सूचना मिलते ही लोहाघाट विकास संघर्ष समिति ने अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और शासन से तत्काल स्थानांतरण निरस्त करने की मांग की।

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समिति अध्यक्ष विपिन गोरखा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मोनिका गिरी के आने के बाद लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्त्री एवं प्रसूति सेवाएं मिल रही थीं। पहले प्रसव और जटिल मामलों के लिए महिलाओं को हल्द्वानी या अन्य अस्पतालों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब अधिकांश सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो रही थीं। समिति का कहना है कि लोहाघाट अस्पताल में तीन विकासखंडों की गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए आती हैं। ऐसे में मानसून के दौरान स्त्री रोग विशेषज्ञ का स्थानांतरण मरीजों के लिए गंभीर परेशानी खड़ी करेगा और एक बार फिर महिलाओं को रेफर होने की स्थिति का सामना करना पड़ेगा।

विपिन गोरखा ने बताया कि यदि डॉ. मोनिका गिरी का स्थानांतरण वापस नहीं लिया गया तो समिति भूख हड़ताल सहित व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी क्षेत्र में चिकित्सकों की तैनाती के लिए बड़ा आंदोलन किया जा चुका है। समिति ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. मोनिका गिरी के स्थानांतरण के बाद अस्पताल में किसी अन्य स्त्री रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं की गई है। उन्होंने बताया कि केवल एक दिन पहले ही डॉ. गिरी ने 9 प्रसव कराए थे, जिनमें 3 सिजेरियन ऑपरेशन और 6 सामान्य प्रसव शामिल थे। इससे उनकी सेवाओं की उपयोगिता का अंदाजा लगाया जा सकता है। डॉ. मोनिका गिरी के स्थानांतरण को लेकर क्षेत्र की जनता में स्वास्थ्य विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। धरना-प्रदर्शन में राज किशोर शाह, लोकेश पांडे, अजय गोरखा, कमल किशोर, गोविंद बिष्ट सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।