फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट से छुट्टी लेने का मामला, शिक्षक पर जांच शुरू
टनकपुर/चम्पावत। चम्पावत जिले के मैदानी क्षेत्र के एक विद्यालय में छुट्टी लेने के लिए कथित तौर पर फर्जी चिकित्सा प्रमाणपत्र (मेडिकल सर्टिफिकेट) प्रस्तुत करने का मामला सामने आया है। मामले की जानकारी मिलने पर टनकपुर उप जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी ने कोतवाली टनकपुर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जानकारी के अनुसार, टनकपुर उप जिला अस्पताल के चिकित्साधिकारी डॉ. मोहम्मद उमर ने आरोप लगाया है कि किसी व्यक्ति ने उनके नाम और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट तैयार किया। डॉ. उमर का कहना है कि न तो यह प्रमाणपत्र उन्होंने जारी किया है और न ही उस पर किए गए हस्ताक्षर उनके हैं। संबंधित प्रमाणपत्र में 13 मई से 30 जून तक कुल 49 दिनों की चिकित्सकीय छुट्टी दर्शाई गई है।
बताया जा रहा है कि मैदानी क्षेत्र के एक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक ने यह मेडिकल सर्टिफिकेट प्रधानाचार्य को अवकाश स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया था। प्रमाणपत्र में ओवरराइटिंग और अन्य तकनीकी खामियां दिखाई देने पर प्रधानाचार्य को संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने डॉ. मोहम्मद उमर से सीधे संपर्क कर प्रमाणपत्र की पुष्टि की, जहां से पता चला कि दस्तावेज पूरी तरह फर्जी है। मामले के सामने आने के बाद चिकित्साधिकारी ने कोतवाली टनकपुर में लिखित शिकायत दी है। फिलहाल पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है और मामले की जांच की जा रही है। वरिष्ठ उपनिरीक्षक पूरन सिंह तोमर पूरे प्रकरण की तफ्तीश कर रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

