चम्पावत की प्रियांशी बोहरा ने रचा इतिहास, लगातार तीसरी बार जीता राष्ट्रीय ताइक्वांडो में स्वर्ण पदक
पुणे में आयोजित 5वीं राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन; 2024, 2025 और 2026 में लगातार गोल्ड जीतकर बढ़ाया जिले का मान
चम्पावत। सीमांत जनपद चम्पावत की होनहार ताइक्वांडो खिलाड़ी प्रियांशी बोहरा ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। बाराकोट ब्लॉक के गल्लागांव निवासी और वर्तमान में खटीमा में रह रही प्रियांशी ने 5वीं राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैम्पियनशिप-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।
यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता 17 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक महाराष्ट्र के पुणे स्थित छत्रपति शिवाजी महाराज स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित हुई। देशभर से पहुंचे प्रतिभावान खिलाड़ियों के बीच प्रियांशी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया।
लगातार तीसरी बार राष्ट्रीय चैंपियन
प्रियांशी की इस उपलब्धि की खास बात यह है कि राष्ट्रीय ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में यह उनका लगातार तीसरा स्वर्ण पदक है। उन्होंने वर्ष 2024 में पहला स्वर्ण पदक, वर्ष 2025 में दूसरा स्वर्ण पदक और अब 2026 में तीसरा स्वर्ण पदक हासिल किया है।
लगातार तीन वर्षों तक राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना प्रियांशी की निरंतर मेहनत, अनुशासन और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। उनकी इस उपलब्धि से चम्पावत जिले के खेल प्रेमियों और स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कर चुकी हैं देश का प्रतिनिधित्व
राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाली प्रियांशी बोहरा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। राष्ट्रीय चैम्पियनशिप से पहले उन्होंने 3 दिसंबर 2025 से 6 दिसंबर 2025 तक नैरोबी, केन्या में आयोजित वर्ल्ड ताइक्वांडो अंडर-21 चैम्पियनशिप में देश का प्रतिनिधित्व किया था।
इसके अलावा 21 मई से 24 मई 2026 तक मंगोलिया के उलानबटोर में आयोजित 27वीं एशियन ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में भी प्रियांशी ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व करने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीतना उनकी उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है।
बालिकाओं के लिए बनीं प्रेरणा
प्रियांशी की सफलता न केवल चम्पावत जिले के लिए गौरव का विषय है, बल्कि क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए भी प्रेरणादायक है। सीमांत क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाली प्रियांशी ने यह साबित किया है कि दृढ़ संकल्प, मेहनत और सही मार्गदर्शन के दम पर छोटे क्षेत्रों के खिलाड़ी भी बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा सकते हैं।
उनकी लगातार सफलताओं से क्षेत्र के युवाओं में भी खेलों के प्रति उत्साह बढ़ने की उम्मीद है।
जनप्रतिनिधियों और लोगों ने दी बधाई
प्रियांशी बोहरा की शानदार उपलब्धि पर जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, दर्जा राज्य मंत्री सुभाष बगौली, राज्य आंदोलनकारी राजू गढ़कोटी, पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, जीवन गहतोड़ी, गोविंद बोहरा सहित तमाम लोगों ने उन्हें बधाई दी।
उन्होंने प्रियांशी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि प्रियांशी ने लगातार राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर चम्पावत जिले और पूरे प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी उपलब्धि क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि प्रियांशी की सफलता क्षेत्र की बालिकाओं के लिए एक मिसाल है और उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ी को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेंगी।
लगातार तीन राष्ट्रीय स्वर्ण पदक और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व—प्रियांशी बोहरा की यह उपलब्धि चम्पावत की खेल प्रतिभा को देश और दुनिया के मंच पर पहचान दिलाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

