अवैध संबंधों के शक में पत्नी की पीट-पीटकर हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार
नैनीताल। नैनीताल जिले के खनस्यूं थाना क्षेत्र में पत्नी की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पत्नी के अवैध संबंध होने के शक में उसके साथ बेरहमी से मारपीट की थी। घटना के बाद आरोपी अपने बच्चों को धमकाकर फरार हो गया था।

पुलिस के मुताबिक, ग्राम तल्ला ओखलकांडा में भीम सिंह ने अपनी पत्नी डिक्री देवी के साथ कथित तौर पर मारपीट की। घटना के समय उनके चार बच्चे भी घर में मौजूद थे। आरोप है कि पति ने डंडे और चम्मच आदि से पत्नी को बुरी तरह पीटा, जिससे उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी रात में घर पर ही सोया और अगले दिन सुबह अपने बच्चों को धमकाते हुए घटना के बारे में किसी को कुछ न बताने की बात कही। इसके बाद वह घर से फरार हो गया। मृतका के पिता गुमान सिंह की तहरीर के आधार पर खनस्यूं थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। सूचना मिलते ही खनस्यूं पुलिस के साथ हल्द्वानी से फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित करते हुए आवश्यक भौतिक साक्ष्य जुटाए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस अधीक्षक अपराध/यातायात डॉ. जगदीश चन्द्र और क्षेत्राधिकारी भवाली रविकांत सेमवाल के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष खनस्यूं अनीस अहमद के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी और सुरागरसी-पतारसी की। इसी क्रम में 24 अगस्त को आरोपी भीम सिंह को वडियाड लूगड़, काठगोदाम के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।
पूछताछ में बताई ये वजह
पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना के समय वह शराब के नशे में था और उसे अपनी पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने का शक था। इसी शक के चलते उसने पत्नी के साथ मारपीट की, जिसमें उसकी मौत हो गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान भीम सिंह पुत्र मानसिंह, निवासी ग्राम तल्ला ओखलकांडा, थाना खनस्यूं, नैनीताल के रूप में हुई है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष अनीस अहमद, चौकी प्रभारी ओखलकांडा उपनिरीक्षक कृष्णा गिरी, अपर उपनिरीक्षक नरेश कुमार, हेड कांस्टेबल महेश मर्तोलिया, भूजेंद्र सिंह तथा कांस्टेबल राम सिंह राणा और जय किशन शामिल रहे।

