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अब Whatsapp पर ही होगा छुट्टी का आवेदन, उत्तराखंड में पुलिस जवानों को मिल सकेगा तत्काल अवकाश, ऐसे करना होगा आवेदन

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उत्तराखंड के पुलिस कर्मियों को आकस्मिक अवकाश के लिए थाने या कार्यालय पहुंचकर समय बर्बाद नहीं करना पड़ेगा। पुलिस प्रशासन ने उनके लिए व्हाट्सएप पर अवकाश प्रार्थनापत्र दिए जाने की व्यवस्था शुरू की है। आईजी कुमाऊं ने इसके लिए आदेश जारी कर दिए हैं। अप्रैल 2022 में डीजीपी ने यह सुविधा शुरू करने की बात कही थी, लेकिन किसी कारण योजना लागू नहीं हो पाई। नए साल की पूर्व संध्या पर डीजीपी ने फिर से यह सुविधा लागू करने को कहा था। इसके तहत आईजी डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने कुमाऊं में इस व्यवस्था को लागू कर दिया है। अब पुलिसकर्मियों को छुट्टी लेने के लिए पुलिस कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। आपात स्थिति में अपने उच्चाधिकारियों को व्हाट्सएप पर ही छुट्टी के लिए अर्जी दे सकेंगे।
इस व्यवस्था से कुमाऊं की विभिन्न थाना चौकियों और पुलिस लाइन में तैनात करीब चार हजार जवानों को राहत मिलेगी। आईजी डॉ. भरणे ने बताया कि कभी-कभी समय के अभाव में पुलिसकर्मियों का अवकाश समय रहते स्वीकृत नहीं हो पाता। इस कारण उन्हें अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब ऐसा नहीं होगा।

उच्चाधिकारियों को देनी होगी रिपोर्ट
आईजी के मुताबिक जवान की ओर से मांगी गई छुट्टी की सूचना उच्चाधिकारियों को तत्काल संबंधित कर्मचारी को देनी होगी। अगर छुट्टी स्वीकृत होती है तो व्हाट्सएप पर ही मैसेज भेजना होगा। छुट्टी स्वीकृत नहीं होने की दशा पर भी आवेदन करने वाले जवान को सूचना देनी होगी। व्हाट्सएप पर दिए गए अवकाशों की सूची मुख्यालय में उपलब्ध करानी होगी।

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पुलिस जवानों के पास ड्यूटी के दौरान समय का अभाव होता है। आपात स्थिति में अफसरों के पास जाकर छुट्टी स्वीकृत कराने में काफी समय लग जाता है। इससे राहत के लिए नई योजना कुमाऊं में लागू कर दी है। डॉ. नीलेश आनंद भरणे, आईजी कुमाऊं

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