देहरादून : अवैध वसूली के आरोप में आरटीओ का दरोगा निलंबित, वायरल वीडियो के बाद मचा हड़कंप
देहरादून। परिवहन विभाग के एक उपनिरीक्षक पर अवैध वसूली के आरोप लगने के बाद बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। आरटीओ कार्यालय में तैनात परिवहन उपनिरीक्षक शशिकांत तेंगोवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। मामला सामने आते ही परिवहन विभाग में हलचल तेज हो गई और मंत्री स्तर से भी पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब कर ली गई।
पूरा मामला सोमवार को उस समय चर्चा में आया, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा। वीडियो में मियांवाला क्षेत्र से जुड़े एक परिवहन कारोबारी ने आरोप लगाया कि उसकी गाड़ियों के संचालन के बदले हर महीने अवैध रूप से रकम वसूली जा रही थी। कारोबारी का दावा है कि उसकी चार व्यावसायिक गाड़ियों से कथित तौर पर आठ हजार रुपये प्रति माह लिए जाते थे। हालांकि वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है, लेकिन वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद विभागीय स्तर पर गंभीरता से संज्ञान लिया गया।

बताया जा रहा है कि जिस समय परिवहन उपनिरीक्षक कथित वसूली के लिए कारोबारी के पास पहुंचा, उसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हो गई। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कारोबारी और वहां मौजूद लोगों ने दरोगा को दुकान के भीतर ही रोक लिया। वर्दीधारी अधिकारी के दुकान में बंद होने की तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया। घटना के बाद स्थानीय स्तर पर भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने विभागीय अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। साथ ही पूरे प्रकरण की जांच एआरटीओ विकासनगर को सौंप दी गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। मंत्री ने साफ कहा है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

