स्वाला डेंजर ज़ोन का स्थायी समाधान: अब टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर हाईवे 24 घंटे रहेगा खुला, रात की पाबंदी खत्म
चम्पावत। सीमांत जनपद चम्पावत और पिथौरागढ़ के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वर्षों से हादसों और जाम का कारण बने स्वाला डेंजर ज़ोन का स्थायी सुधारीकरण कार्य पूरा हो गया है। इसके साथ ही अब इस महत्वपूर्ण मार्ग पर रात के समय यातायात प्रतिबंध समाप्त हो गया है और हाईवे 24 घंटे निर्बाध रूप से खुला रहेगा। सुधारीकरण का कार्य पूर्ण होने पर आज शनिवार 18 जुलाई को मौके पर पूजा अर्चना की गई। पूजा पंडित सुरेश चंद्र पांडेय द्वारा संपन्न कराई गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में टनकपुर-पिथौरागढ़ ऑल वेदर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित स्वाला डेंजर ज़ोन का स्थायी उपचार कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। मालूम हो कि लंबे समय से स्वाला क्षेत्र बरसात के मौसम में भूस्खलन का सबसे संवेदनशील स्थान माना जाता था। बारिश के दौरान सड़क बंद होने से चम्पावत, पिथौरागढ़ और टनकपुर के बीच आवागमन प्रभावित होता था। विशेष रूप से रात आठ बजे के बाद सुरक्षा कारणों से वाहनों को रोक दिया जाता था, जिससे यात्रियों, व्यापारियों और आपातकालीन सेवाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए डेंजर ज़ोन के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन और कार्यदायी संस्था को लगातार दिशा-निर्देश दिए। उनके निर्देशों के अनुरूप सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया, जिसके परिणामस्वरूप अब इस मार्ग पर निर्माण संबंधी कोई अवरोध शेष नहीं है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने भी पिछले एक वर्ष से इस परियोजना की लगातार मॉनिटरिंग की। विषम भौगोलिक परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण मौसम के बावजूद जिला प्रशासन तथा कार्यदायी संस्था के बेहतर समन्वय से कार्य निर्धारित समय में पूरा किया गया। प्रशासन का कहना है कि अब इस मार्ग पर रात में भी निर्बाध आवाजाही संभव होगी, जिससे आम नागरिकों के साथ-साथ एंबुलेंस, आवश्यक सेवाओं और मालवाहक वाहनों को भी बड़ी राहत मिलेगी।


गौरतलब है कि वर्ष 2017 में केंद्र सरकार द्वारा ऑल वेदर रोड परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद टनकपुर-पिथौरागढ़ मार्ग की स्थिति में व्यापक सुधार हुआ। इससे पहले वर्ष 2014 तक चम्पावत से टनकपुर की यात्रा में चार से पांच घंटे का समय लगता था, लेकिन सड़क चौड़ीकरण और आधुनिकीकरण के बाद यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आई। हालांकि स्वाला डेंजर ज़ोन इस पूरे मार्ग की सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था, जिसका अब स्थायी समाधान कर लिया गया है। स्वाला का यह अत्यधिक संवेदनशील ज़ोन बरसात के मौसम में पूरी सड़क के लिए एक बड़ा अवरोध बना हुआ था, जहाँ भूस्खलन के कारण प्रतिवर्ष कई-कई दिनों तक सड़क पूरी तरह बंद हो जाती थी। सूखीढांग गेट से चम्पावत के बीच रास्ता अवरुद्ध होने से रात के समय यात्रा करने वाले यात्रियों को हमेशा दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती थी।


स्वाला डेंजर जोन के स्थाई समाधान की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, केंद्रीय राज्य मंत्री एवं क्षेत्रीय सांसद अजय टम्टा के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व, जिला प्रशासन, राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों, अभियंताओं और कार्यदायी संस्था की टीम की सराहना करते हुए इसे सीमांत क्षेत्र के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पाण्डेय, मुकेश महराना, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा, शंकर पांडे, भाजपा जिला उपाध्यक्ष कैलाश अधिकारी, केएमवीएन निदेशक रोहित बिष्ट, राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारी तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

