चम्पावत में शुरू हुआ ‘शक्ति कक्ष’, पुराने दफ्तर से बना बेटियों के सपनों का केंद्र
चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘आदर्श चम्पावत’ की परिकल्पना को साकार करते हुए जनपद में बालिका शिक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल की गई है। जिलाधिकारी मनीष कुमार के मार्गदर्शन में पूर्व खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय भवन का कायाकल्प कर उसे आधुनिक सुविधाओं से युक्त अध्ययन केंद्र ‘शक्ति कक्ष’ (जिला पुस्तकालय) के रूप में विकसित किया गया है। इस केंद्र का संचालन जिला पुस्तकालय द्वारा किया जा रहा है।

जो बंजर भवन कभी प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र हुआ करता था, वही अब जिले की बेटियों के सपनों, संघर्षों और सफलताओं का नया आधार बन गया है। शांत, सुरक्षित एवं सकारात्मक वातावरण से युक्त यह अध्ययन केंद्र छात्राओं को एकाग्रचित्त होकर अध्ययन करने तथा अपने भविष्य को नई दिशा देने का अवसर प्रदान कर रहा है। ‘शक्ति कक्ष’ को विशेष रूप से छात्राओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है, ताकि उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन वातावरण, आवश्यक संसाधन और प्रेरणादायी माहौल उपलब्ध हो सके।


जिलाधिकारी मनीष कुमार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र में छात्राओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा इसे ज्ञान, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास का सशक्त मंच बनाया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि ‘शक्ति कक्ष’ केवल एक लाइब्रेरी नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों और आत्मनिर्भर भविष्य की मजबूत नींव है। यहां से निकलने वाली सफलताएं आने वाले समय में जनपद और प्रदेश का नाम रोशन करेंगी। जिला पुस्तकालय में अध्ययन करने आने वाली छात्राओं गुड़िया जोशी एवं पूजा ने बताया कि ‘शक्ति कक्ष’ बालिकाओं के लिए सुरक्षित, शांत और प्रेरणादायी अध्ययन वातावरण उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में काफी सुविधा मिल रही है तथा अपने गृह जनपद में ही बेहतर शैक्षिक माहौल और आवश्यक अध्ययन संसाधन उपलब्ध हो पा रहे हैं। छात्राओं ने कहा कि इस पहल से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उन्हें उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बाहर जाने की आवश्यकता भी कम महसूस हो रही है।

