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चम्पावत में कीवी महोत्सव का शुभारंभ, किसानों को मिला उत्पादन और विपणन का प्रशिक्षण

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जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने पर दिया जोर, 24 एकड़ में दो करोड़ रुपये से हो रहा विस्तार

कीवी महोत्सव में 40 हजार रुपये की हुई बिक्री, उत्कृष्ट उत्पादकों को किया सम्मानित

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चम्पावत। किसानों की आय बढ़ाने और गांवों में स्वरोजगार के अवसर विकसित कर रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में कीवी महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मनीष कुमार और दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। महोत्सव में कीवी उत्पादन के विस्तार के साथ ही पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन और मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि एवं बागवानी में नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। चम्पावत की जलवायु कीवी उत्पादन के लिए अनुकूल है। उन्होंने किसानों से विशेषज्ञों और अनुभवी उत्पादकों से व्यावहारिक जानकारी प्राप्त कर उसे अपने बागानों में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्पादन के साथ गुणवत्ता, उचित पैकेजिंग और बाजार से जुड़ाव पर ध्यान देने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकता है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जिला योजना के अंतर्गत लगभग दो करोड़ रुपये की धनराशि से इस वर्ष करीब 24 एकड़ क्षेत्र में कीवी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से कीवी के साथ सेब, मौनपालन और अन्य बागवानी गतिविधियों को अपनाने की अपील की, जिससे आय के अतिरिक्त अवसर विकसित हो सकें।

उन्होंने कहा कि चम्पावत की भौगोलिक परिस्थितियां और जलवायु कीवी उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। बेहतर आय की संभावनाओं और जंगली जानवरों से अपेक्षाकृत कम नुकसान के कारण कीवी की खेती पर्वतीय किसानों के लिए पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय का उपयोगी साधन बन सकती है। जनपद को कीवी उत्पादन का हब बनाने के लिए किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।

दर्जा राज्य मंत्री रामपाल सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। गांवों में लाभकारी कृषि एवं बागवानी गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ते हैं और रिवर्स पलायन को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कीवी महोत्सव को किसानों के अनुभवों और तकनीकी जानकारी साझा करने का उपयोगी मंच बताया।

पांच जनपदों के किसानों ने साझा किए अनुभव

महोत्सव में नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चम्पावत से आए प्रगतिशील किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। जिलाधिकारी ने किसानों के स्टॉलों का निरीक्षण कर कीवी उत्पादन, बागान प्रबंधन और विपणन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। उन्होंने जिला उद्यान अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में ‘कीवी मैन’ के नाम से प्रसिद्ध प्रगतिशील उत्पादक भवान सिंह कोरंगा ने कीवी की खेती से जुड़ी व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी दी। एपीडा के प्रबंधक विशाल सैनी ने चम्पावत में फलों के निर्यात की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। कृषि विज्ञान केंद्र लोहाघाट के अविकल कुमार ने जनपद में औद्यानिकी की संभावनाओं और प्रगतिशील कृषक कमल गिरी ने बागवानी को पर्यटन से जोड़ने के अनुभव साझा किए।

नर्सरी डेवलपमेंट अधिकारी दीपिका शर्मा ने मृदा एवं जल प्रबंधन, उद्यान निरीक्षक आशीष रंजन ने जनपद की कीवी यात्रा और भविष्य की संभावनाओं तथा उद्यान निरीक्षक प्रदीप पचौली ने पर्वतीय बागवानी में सूक्ष्म सिंचाई के महत्व पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया। दिनेश बिष्ट ने कीवी एवं अन्य फलों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की जानकारी दी। प्रगतिशील शहद उत्पादक हरीश जोशी ने मौनपालन की संभावनाओं एवं महत्व से किसानों को अवगत कराया।

9 स्टॉलों पर स्थानीय उत्पादों की बिक्री

कीवी महोत्सव में कीवी एवं अन्य स्थानीय उत्पादों के कुल नौ स्टॉल लगाए गए। महोत्सव के दौरान 250 से 300 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से लगभग 40 हजार रुपये की कीवी की बिक्री हुई। विभिन्न जनपदों से आए किसानों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद कर खेती-बागवानी से जुड़े प्रश्नों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।

कीवी उत्पादन एवं बागवानी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मनोज कोरंगा, द्वितीय स्थान प्राप्त रमेश चंद्र खर्कवाल और तृतीय स्थान प्राप्त पीताम्बर गहतोड़ी को जिलाधिकारी मनीष कुमार ने प्रमाणपत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया।

इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामंत, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष नरेश करायत, मुख्य विकास अधिकारी अजय सिंह, जिला उद्यान अधिकारी योगेश भट्ट, नर्सरी डेवलपमेंट अधिकारी दीपिका शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।