क्राइमचंपावतटनकपुरनवीनतम

आधी रात मैक्स टैक्सी आग का गोला बनी, टनकपुर में मची अफरातफरी

ख़बर शेयर करें -

निर्माणाधीन आयुर्वेदिक अस्पताल के पास खड़ी टैक्सी जलकर क्षतिग्रस्त; वाहन स्वामी ने दी तहरीर, पुलिस जांच में जुटी

टनकपुर/चम्पावत। नगर के वार्ड नंबर तीन में निर्माणाधीन आयुर्वेदिक अस्पताल के समीप शनिवार देर रात खड़ी एक मैक्स टैक्सी में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते वाहन आग की लपटों से घिर गया। आधी रात को हुई घटना से आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक वाहन काफी क्षतिग्रस्त हो चुका था।

Ad Ad

जानकारी के अनुसार शनिवार रात करीब 12 बजे मैक्स टैक्सी संख्या UK05TA-0030 चालक लोकेश प्रजापति के आवास के सामने खड़ी थी। इसी दौरान अज्ञात कारणों से वाहन में आग लग गई। टैक्सी से आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग मौके पर जुट गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल आपातकालीन सेवा 112 को सूचना दी और स्वयं भी आग बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में देर शाम और रात के समय संदिग्ध गतिविधियों को लेकर चिंता जताई। लोगों का कहना है कि देर शाम के बाद आसपास का इलाका कथित तौर पर नशा करने वालों की गतिविधियों का केंद्र बन जाता है। कुछ लोगों ने वाहन में जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका भी जताई है। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है।

वाहन स्वामी देवेंद्र यादव ने घटना के संबंध में पुलिस को तहरीर सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक चेतन रावत ने बताया कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच में किसी की संलिप्तता सामने आने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में रात के समय सुरक्षा व्यवस्था और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले का जल्द खुलासा कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

चम्पावत : नाबालिग को भगाने और दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा

चम्पावत सत्र न्यायालय ने हाशिम पर लगाया 55 हजार रुपये का जुर्माना, पीड़िता को 1.50 लाख रुपये देने के भी आदेश

चम्पावत। नाबालिग किशोरी को भगाने और दुष्कर्म के मामले में चम्पावत के सत्र न्यायालय ने एक अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल की अदालत ने 31 अक्टूबर को दोषी हाशिम (20) पर कुल 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, दूसरे अभियुक्त अरमान के खिलाफ विशेष सत्र परीक्षण की कार्यवाही उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त कर दी गई है।

मामला टनकपुर क्षेत्र का है। 21 मार्च 2024 को 16 वर्षीय किशोरी को भगाने की घटना सामने आई थी। नाबालिग के परिजनों की तहरीर पर टनकपुर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65, 87, 137(2) और पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4 के तहत आरोपपत्र दाखिल किया था। अदालत में सुनवाई के दौरान गवाहों के बयान, साक्ष्य, दस्तावेज और दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद सत्र न्यायालय ने हाशिम को दोषी करार दिया। अदालत ने तीन धाराओं में सजा सुनाते हुए कुल 55 हजार रुपये का अर्थदंड निर्धारित किया।

तीन धाराओं में सुनाई सजा

BNS की धारा 137(2) के तहत तीन वर्ष का साधारण कारावास और 10 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। BNS की धारा 87 के तहत पांच वर्ष का साधारण कारावास और 15 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। पॉक्सो अधिनियम की धारा 4(1) के तहत 10 वर्ष का साधारण कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

अदालत ने अर्थदंड की राशि में से 50 हजार रुपये पीड़िता को उसके बैंक खाते के माध्यम से अदा करने के आदेश दिए। इसके साथ ही राज्य सरकार को पीड़िता को एक लाख रुपये की प्रतिकर राशि देने के निर्देश भी दिए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केएस राणा ने पैरवी की।