चम्पावत : विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा का संगठनात्मक दांव, निष्कासित नेताओं की हुई घर वापसी
चम्पावत। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। निकाय चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता के आरोप में करीब डेढ़ वर्ष पहले छह वर्षों के लिए निष्कासित किए गए कई पुराने नेताओं की शनिवार को पार्टी में वापसी करा दी गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी में इन नेताओं ने दोबारा भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।
मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विजय वर्मा, पूर्व सभासद लोकेश पुनेठा, पूर्व नामित सभासद कैलाश पांडेय, पूर्व बीटीसी सदस्य शंकर खाती, गंगा खाती तथा तनुजा पुनेठा ने भाजपा का दामन थाम लिया। इन सभी नेताओं को चम्पावत निकाय चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता के आरोप में 1 वर्ष 5 माह 19 दिन पूर्व छह वर्षों के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया था।

राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा की संगठनात्मक रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि पार्टी पुराने कार्यकर्ताओं को फिर से साथ जोड़कर चुनावी तैयारियों को मजबूती देने में जुटी है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात करने वाले प्रतिनिधिमंडल में भाजपा के जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया भी शामिल रहे। मुकेश कलखुड़िया ने बताया कि सभी निष्कासित कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर भाजपा के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी के जिलाध्यक्ष की सहमति तथा वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर सभी कार्यकर्ताओं का पुनः पार्टी में स्वागत किया गया है।
भाजपा के इस कदम के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी वर्ष 2027 का विधानसभा चुनाव एक बार फिर चम्पावत विधानसभा सीट से लड़ सकते हैं। हालांकि, पार्टी की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है और न ही मुख्यमंत्री ने इस विषय पर कोई सार्वजनिक बयान दिया है।


