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संतोला डेंजर जोन बना मुसीबत!, मलबा गिरने से चार घंटे ठप रहा राष्ट्रीय राजमार्ग ठप, सैकड़ों यात्री फंसे

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मलबे में धंसा कैंटर, बड़ा हादसा टला

चम्पावत। चम्पावत-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बाराकोट के संतोला डेंजर जोन में शनिवार दोपहर भारी बारिश के चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। पहाड़ी से अचानक भारी मात्रा में मलबा आने से एक कैंटर उसमें धंस गया। चालक ने समय रहते वाहन से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। एनएच विभाग द्वारा करीब 4 घंटे के बाद शाम 7:00 बजे किसी तरह कैंटर को मशीनों की मदद से मलबे से बाहर निकाला गया इसके बाद राष्ट्रीय राजमार्ग में वाहनों आवाजाही सुचारू हो गई है। बताया गया है कि पहाड़ी से मलवा आने का खतरा लगातार बना हुआ है। जाम खुलने से एनएच पर फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली। लोगों ने एनएच के अधिकारियों से डेंजर जोन संतोला में 24 घंटे मशीन तैनात रखने की मांग की है।

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जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे संतोला डेंजर जोन में पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर सड़क पर आ गिरे। इसी दौरान वहां से गुजर रहा एक कैंटर मलबे में फंस गया। चालक किसी तरह वाहन से बाहर निकलने में सफल रहा, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

मलबा और कैंटर के सड़क पर फंस जाने से चम्पावत-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। सड़क के दोनों ओर सैकड़ों वाहन और यात्री करीब दो घंटे तक फंसे रहे, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की सहायता से मलबा हटाकर मार्ग खोलने का कार्य शुरू किया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक सड़क पूरी तरह सुचारू नहीं हो सकी थी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून शुरू होने से पहले ही राष्ट्रीय राजमार्ग अधिकारियों से डेंजर जोन में मशीनों की संख्या बढ़ाने और नियमित रूप से मलबा हटाने की मांग की गई थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते आवश्यक इंतजाम किए जाते तो सड़क बंद होने जैसी स्थिति से बचा जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से संतोला डेंजर जोन में अतिरिक्त मशीनें तैनात करने और मानसून के दौरान लगातार निगरानी रखने की मांग की, ताकि यातायात बाधित न हो और किसी बड़े हादसे की आशंका को टाला जा सके।