टनकपुर : इंजीनियरिंग विद्यार्थियों से डीएम ने किया संवाद, साझा किए सफलता के मंत्र
टनकपुर/चम्पावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आगामी एक सितंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर स्थलीय निरीक्षण के बाद जिलाधिकारी मनीष कुमार ने डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम राजकीय प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित “इंट्रोडक्शन प्रोग्राम—एक्सपर्ट टॉक ऑन रोल ऑफ इंजीनियर इन द डेवलपमेंट ऑफ सोसाइटी” में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने संस्थान में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से संवाद करते हुए इंजीनियरिंग शिक्षा, करियर निर्माण और समाज के विकास में इंजीनियरों की भूमिका पर विचार साझा किए।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि जीवन में सफलता के लिए लक्ष्य का स्पष्ट होना बेहद जरूरी है। उन्होंने छात्रों से अभी से अपना लक्ष्य निर्धारित कर उसके अनुरूप योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जीवन में अनेक चुनौतियां आएंगी, लेकिन उनसे घबराने के बजाय धैर्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास के साथ उनका सामना करना चाहिए।


उन्होंने विद्यार्थियों को सफलता का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि कक्षा में पढ़ाए जाने वाले विषयों को पहले से पढ़कर आएं, नियमित रूप से कक्षाओं में उपस्थित रहें और निरंतर रिवीजन की आदत विकसित करें। इसके साथ ही फिजिकल फिटनेस, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
जिलाधिकारी ने अपने इंजीनियरिंग छात्र जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कॉलेज के चार वर्ष कब बीत जाते हैं, इसका पता भी नहीं चलता। उन्होंने विद्यार्थियों से इस समय का सदुपयोग करने और पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान हासिल करने पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को इंडस्ट्रियल विजिट, नियमित मॉक अभ्यास और प्रैक्टिकल लर्निंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की सलाह दी।
उन्होंने विद्यार्थियों से उत्तराखंड के महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कर राज्य की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को समझने तथा उसे एक्सप्लोर करने का भी आह्वान किया। साथ ही नशे से पूरी तरह दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि युवा स्वयं नशामुक्त रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों से दूर रखने के लिए निरंतर प्रयास करें।

संवाद के दौरान विद्यार्थियों ने जिलाधिकारी से टॉपर बनने की रणनीति, परीक्षा के समय तनाव से बचने, समय प्रबंधन और करियर प्लानिंग से जुड़े सवाल पूछे। जिलाधिकारी ने अपने छात्र जीवन के अनुभवों से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को व्यावहारिक सुझाव दिए और कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक सोच एवं निरंतर मेहनत बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। अंत में जिलाधिकारी ने सभी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थी ही कल समाज एवं देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

