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देहरादून में फर्जी IPS गिरफ्तार: रिटायर्ड अधिकारी के बेटे ने वर्दी और फर्जी आईडी के दम पर लाखों की ठगी की

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देहरादून। राजधानी देहरादून की राजपुर थाना पुलिस ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव एस. रामास्वामी के बेटे आर. यशोवर्धन (35) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने कई बार अधिकारी बनने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने के बाद उसने फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों को ठगना शुरू कर दिया।

एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि आरोपी ने दो बार यूपीएससी परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। बचपन से अधिकारियों की कार्यशैली, रुतबा और सुविधाएं देखकर वह स्वयं भी अधिकारी बनने का सपना देखता था। सपना पूरा न होने पर उसने फर्जी पहचान बनाकर लोगों को प्रभावित करना शुरू कर दिया।

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फर्जी आईडी, वर्दी और वायरलेस के सहारे करता था ठगी

पुलिस जांच में आरोपी के पास से 5 फर्जी पहचान पत्र, 8 फर्जी विजिटिंग कार्ड, पुलिस और आर्मी के 25 लोगो, आर्मी/पैरामिलिट्री की 3 जोड़ी वर्दी, 3 फर्जी रिबन और एक वायरलेस सेट बरामद किया गया है। इनका इस्तेमाल कर वह खुद को कभी आईपीएस अधिकारी, कभी वरिष्ठ सैन्य अधिकारी तो कभी अन्य केंद्रीय एजेंसियों का अधिकारी बताकर लोगों का विश्वास जीतता था। इसके बाद वह नौकरी दिलाने, कंपनी का पंजीकरण कराने, टेंडर पास कराने और अन्य सरकारी कार्य कराने के नाम पर मोटी रकम वसूलता था।

दो मामलों में दर्ज हुए मुकदमे

पहला मामला 8 जुलाई 2026 का है, जिसमें डाकरा बाजार निवासी अंशुल उपाध्याय ने शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी ने उनकी दिवंगत माता के नाम पर कंपनी का पंजीकरण कराने का झांसा देकर 15 लाख रुपये ठग लिए।

वहीं दूसरा मामला 15 जुलाई 2026 को सामने आया। कैनाल रोड निवासी डॉ. अनुपमा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने खुद को आईपीएस अधिकारी बताते हुए रक्षा मंत्रालय में डेटा साइंस कंसल्टेंट की नौकरी दिलाने का झांसा देकर 4.60 लाख रुपये हड़प लिए।

चेकिंग के दौरान हुई गिरफ्तारी

दोनों मामलों की जांच के बाद राजपुर थाना पुलिस ने 16 जुलाई को मसूरी रोड स्थित सीएसआई तिराहे के पास चेकिंग के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और उसके नेटवर्क में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सरकारी नौकरी, टेंडर या किसी भी सरकारी कार्य के नाम पर यदि कोई व्यक्ति स्वयं को अधिकारी बताकर धन की मांग करता है, तो उसकी पहचान की पुष्टि किए बिना किसी प्रकार का भुगतान न करें और तत्काल पुलिस को सूचना दें।