रामनगर में हाई-प्रोफाइल सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 62 लोग हिरासत में; रिजॉर्ट सील, जनरल मैनेजर फरार
रामनगर/नैनीताल। उत्तराखंड के रामनगर में पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक हाई-प्रोफाइल रिजॉर्ट में चल रहे कथित सेक्स रैकेट और अवैध गतिविधियों के नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 62 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें एक नाबालिग लड़की और एक नाबालिग किशोर भी शामिल हैं। मामले में रिजॉर्ट को सील कर दिया गया है, जबकि उसका जनरल मैनेजर फरार है।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में की गई। शुरुआती जांच में सामने आया है कि रिजॉर्ट में आयोजित पार्टी केवल मनोरंजन के लिए नहीं थी, बल्कि उसके पीछे कथित रूप से देह व्यापार का एक संगठित नेटवर्क संचालित किया जा रहा था।

10 दिन पहले हुई थी डील, 2.20 लाख में बुक हुआ था रिजॉर्ट
जांच के मुताबिक, पार्टी आयोजक ने करीब 10 दिन पहले रिजॉर्ट के जनरल मैनेजर लखेंद्र चौधरी से संपर्क किया था। आरोप है कि इस दौरान शराब, महिलाओं और कथित “एक्स्ट्रा सर्विस” की व्यवस्था करने की मांग की गई थी।
पुलिस का दावा है कि 4 और 5 जुलाई 2026 के लिए रिजॉर्ट को लगभग 2.20 लाख रुपये में बुक किया गया था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी राहुल गुप्ता उर्फ सन्नी ने सुनील कुमार के माध्यम से महिलाओं की व्यवस्था कराई थी और प्रत्येक महिला के लिए लगभग 10 हजार रुपये तय किए गए थे। पुलिस अब इस आर्थिक लेन-देन और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है।

रजिस्टर में एंट्री नहीं करने के दिए गए थे निर्देश
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि रिजॉर्ट के जनरल मैनेजर ने होटल स्टाफ को निर्देश दिए थे कि पार्टी में आने वाले किसी भी व्यक्ति और महिलाओं का नाम रजिस्टर में दर्ज न किया जाए। पुलिस का मानना है कि ऐसा साक्ष्य छिपाने और जांच को प्रभावित करने के उद्देश्य से किया गया।
इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने रिजॉर्ट को सील कर दिया है। हालांकि, जनरल मैनेजर लखेंद्र चौधरी फिलहाल फरार है और उसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
नाबालिग मिलने से मामला हुआ और गंभीर
छापेमारी के दौरान एक नाबालिग लड़की और एक नाबालिग किशोर के मिलने के बाद पुलिस ने मामले को और गंभीरता से लिया है। अधिकारियों के अनुसार, बाल संरक्षण से जुड़े सभी कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
डिजिटल रिकॉर्ड और मोबाइल फोन की भी जांच
पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही मोबाइल फोन, दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं तथा क्या इस तरह की पार्टियां पहले भी आयोजित की जाती रही हैं।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद साक्ष्यों के आधार पर सभी दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जिले में देह व्यापार, नशे और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

