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उत्तराखंड के युवक की नोएडा में दर्दनाक मौत, सहकर्मियों की कथित शरारत बनी जानलेवा

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उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। रोज़गार की तलाश में नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करने गए काशीपुर निवासी युवक समीर की अपने ही सहकर्मियों की कथित शरारत के कारण दर्दनाक मौत हो गई। गंभीर रूप से घायल समीर ने कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। घटना के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।


जानकारी के अनुसार, यह घटना नोएडा के यमुना सिटी क्षेत्र के रबूपुरा स्थित सेक्टर-29 में संचालित सूर्या ग्लोबल फ्लेक्सी फिल्म कंपनी की है। 16 जून की सुबह कंपनी में कार्यरत तीन सफाई कर्मचारी नियमित सफाई कार्य में जुटे हुए थे। तीनों कर्मचारी मूल रूप से काशीपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। घटना के दौरान समीर झाड़ू लगा रहा था, जबकि उसका सहकर्मी दिलशाद एयर प्रेशर पाइप से सफाई संबंधी काम कर रहा था। वहीं तीसरा कर्मचारी जीशान भी मौके पर मौजूद था। आरोप है कि इसी दौरान मजाक करने की नीयत से दिलशाद ने एयर प्रेशर पाइप समीर के गुदा द्वार पर लगा दिया और उसमें हवा भर दी। तेज दबाव की हवा शरीर के अंदर पहुंचते ही समीर दर्द से चीखने लगा। कुछ ही क्षणों में उसके गुप्तांग से खून बहने लगा। यह देखकर मौके पर मौजूद दोनों सहकर्मी घबरा गए और तुरंत फैक्ट्री के सुपरवाइजर को घटना की जानकारी दी गई। इसके बाद समीर को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों की जांच में पता चला कि अत्यधिक एयर प्रेशर के कारण उसकी आंत फट गई थी। उसकी हालत लगातार नाजुक बनी रही और उसे गहन चिकित्सा में रखा गया।

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कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहने और जीवन के लिए संघर्ष करने के बाद समीर की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। बाद में शव को उसके गृह क्षेत्र कुंडा लाया गया, जहां नम आंखों के बीच उसे सुपुर्द-ए-खाक किया गया। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन की ओर से भी कार्रवाई की गई। कंपनी के मैनेजर धर्मेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दिलशाद और जीशान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया। जांच के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

समीर अपने परिवार का एकमात्र बेटा और चार बहनों का इकलौता भाई था। वह परिवार की जिम्मेदारियां उठाने और बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर घर से दूर नौकरी करने गया था। परिजनों के मुताबिक उसका सपना अपनी मेहनत की कमाई से अपनी बहनों की शादी करवाने और परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का था। लेकिन एक कथित मजाक ने उसकी जिंदगी छीन ली। समीर की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। एक पल की लापरवाही ने चार बहनों के इकलौते भाई और परिवार के सहारे को हमेशा के लिए उनसे छीन लिया।