सड़क हादसे में कराटे कोच के इकलौते बेटे की मौत से मचा कोहराम
लालकुआं/नैनीताल। राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में लालकुआं के वार्ड नंबर चार निवासी 16 वर्षीय मेधावी छात्र सिद्धार्थ की मौत हो गई। जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार दोपहर स्थानीय मुक्तिधाम में उसका अंतिम संस्कार किया गया, जहां बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोग और नगरवासी मौजूद रहे।
सिद्धार्थ अंतरराष्ट्रीय कराटे कोच उदयवीर सिंह का इकलौता बेटा था। बेटे की असमय मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। हादसे की सूचना मिलने पर उदयवीर सिंह अपनी पत्नी नीतू संतोषी सिंह के साथ उत्तर प्रदेश के बदायूं से तत्काल हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचे। बताया जा रहा है कि अस्पताल पहुंचने तक उन्हें बेटे की मौत की जानकारी नहीं दी गई थी। जैसे ही उन्हें सच्चाई का पता चला, दोनों पति-पत्नी पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और पूरी रात मोर्चरी के बाहर बिलखते रहे।
मृतक सिद्धार्थ मोटाहल्दू स्थित सेंफोर्ड स्कूल में कक्षा 11 का छात्र था। उसने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में प्रथम श्रेणी के साथ 65 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। परिवार में उसकी बड़ी बहन वंशिका सिंह ने हाल ही में नीट परीक्षा दी है। घर में जहां खुशियों का माहौल था, वहीं इस हादसे ने पूरे परिवार को मातम में बदल दिया। हादसे में सिद्धार्थ का करीबी दोस्त और पड़ोसी 20 वर्षीय अयान पुत्र शमशेर गंभीर रूप से घायल हुआ है। अयान का पहले हल्द्वानी के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था, लेकिन हालत नाजुक होने पर उसे भोजीपुरा स्थित राम मूर्ति अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार, सिद्धार्थ और अयान गुरुवार को एक साथ मोमो खाने के लिए हल्द्वानी मंगलपड़ाव गए थे। गोरापड़ाव के पास रॉन्ग साइड से आए तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो दोस्तों को जोरदार टक्कर मार दी। ट्रक की रफ्तार इतनी अधिक थी कि टक्कर लगते ही बाइक के परखच्चे उड़ गए। हादसे के तुरंत बाद बाइक में आग लग गई और देखते ही देखते वह सड़क के बीचों बीच जलकर पूरी तरह राख हो गई। जिसमें सिद्धार्थ की जान चली गई। दोनों वार्ड नंबर चार में आमने-सामने रहते थे और बेहद घनिष्ठ मित्र थे। लेकिन किसी ने भी नहीं सोचा था कि यह सफर सिद्धार्थ की जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। घटना के समय सिद्धार्थ की मां नीतू संतोषी सिंह, जो उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षिका हैं, परीक्षा देने के लिए बदायूं गई हुई थीं। वहीं पिता उदयवीर सिंह भी उनके साथ मौजूद थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उदयवीर सिंह अंतरराष्ट्रीय स्तर के कराटे खिलाड़ी और कोच रहे हैं। उनके इकलौते बेटे की मौत से पूरे लालकुआं क्षेत्र में गहरा शोक व्याप्त है। मोहल्ले के लोग लगातार परिवार के घर पहुंचकर उन्हें सांत्वना दे रहे हैं, जबकि घायल अयान की जिंदगी के लिए अस्पताल में जंग जारी है।

