बेटे जसपाल राणा के बाद मां श्यामा देवी राणा का निधन, पूर्व मंत्री नारायण सिंह के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
नई दिल्ली। निशानेबाजी के दिग्गज जसपाल राणा की मां श्यामा देवी राणा का 78 वर्ष की आयु में निधन हो गया है। उन्होंने नई दिल्ली के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली। यह दुखद घटना उनके बेटे जसपाल राणा के गत 12 जून को महज 49 वर्ष की आयु में आकस्मिक निधन के मात्र कुछ दिनों बाद हुई है। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, बेटे के चले जाने का गहरा सदमा उन्हें अंदर तक तोड़ गया, जिसके चलते उनका स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ा।
जसपाल राणा, जो पद्मश्री सम्मानित अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज और ओलंपियन मनु भाकर जैसी युवा खिलाड़ियों के सफल कोच के रूप में जाने जाते थे, के निधन ने पूरे खेल जगत को झकझोर दिया था। अब उनकी मां का जाना परिवार के लिए और भी कष्टदायक साबित हुआ है। पूर्व खेल मंत्री नारायण सिंह राणा के परिवार पर कुछ ही दिनों के अंतराल में यह दूसरी बड़ी त्रासदी है। नारायण सिंह राणा उत्तराखंड के पहले खेल मंत्री रह चुके हैं और जसपाल राणा के प्रारंभिक कोच भी रहे। उनके पूरे परिवार पर शोक की लहर छा गई है। क्षेत्रीय स्तर पर लोगों ने गहरी संवेदनाएं व्यक्त की हैं और श्रद्धांजलि देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है।

श्यामा देवी राणा एक साधारण गृहिणी के रूप में जानी जाती थीं, लेकिन उन्होंने अपने परिवार को मजबूती प्रदान की। उनके बेटे जसपाल राणा की खेल उपलब्धियों के पीछे उनकी निरंतर प्रेरणा और सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा। जसपाल राणा ने एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीते, अर्जुन पुरस्कार और पद्मश्री से सम्मानित हुए, और बाद में कोचिंग के क्षेत्र में मनु भाकर जैसी प्रतिभाओं को ओलंपिक पदक तक पहुंचाया। मां का साया उनके जीवन का अभिन्न अंग था।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि जसपाल के निधन की खबर के बाद श्यामा देवी राणा गहरे सदमे में चली गई थीं। वे भावनात्मक रूप से इतना टूट गई थीं कि स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं बढ़ गईं और अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
जसपाल राणा के निधन पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत कई प्रमुख व्यक्तियों ने संवेदना व्यक्त की थी। अब श्यामा देवी राणा के निधन से शोक और गहरा हो गया है। उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र से जुड़े इस परिवार के प्रति क्षेत्रीय लोगों में गहरा सम्मान है। बड़ी संख्या में लोग अस्पताल और निवास स्थान पर पहुंचकर संवेदनाएं जता रहे हैं। श्यामा देवी राणा का अंतिम संस्कार पारिवारिक परंपराओं के अनुसार किया जाएगा। उनका निधन न केवल परिवार बल्कि उन सभी के लिए दुखद है जो जसपाल राणा की उपलब्धियों से प्रेरित थे।

