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गुजरात में उत्तराखंड के युवक पर शेर ने किया जानलेवा हमला, घटना स्थल से मिली सिर्फ खोपड़ी

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अमरेली/गुजरात। गुजरात में अमरेली जिले के राजुला तालुका के कोवाया गांव में एक युवक पर शेर के हमले कि घटना सामने आई है। खबर के मुताबिक, देर रात कोवाया गांव मे एक शेर ने प्रवासी युवक पर हमला कर दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में डर और दहशत फैल गई है। मिली जानकारी के मुताबिक, मूल रूप से उत्तराखंड का रहने वाला प्रकाश चंद्र नाम का युवक एक किसी होटल-रेस्टोरेंट में काम करता था। वह देर रात अपने घर उत्तराखंड जाने के लिए निकला था। इस दौरान कोवाया गांव के पास किसी शेर ने उस पर जानलेवा हमला कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट् के अनुसार जानकारी सामने आ रही है कि शेर ने युवक पर बहुत ही हिंसक तरीके से हमला किया था। घटनास्थल से युवक की सिर्फ खोपड़ी मिलने की जानकारी मिलने के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया है। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी गुस्सा है और वन विभाग पर सवाल उठ रहे हैं।
घटना की जानकारी मिलने पर राजुला रेंज की वन विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच की। फिलहाल, वन विभाग शेर की पहचान और पूरी घटना की जांच कर रहा है। ऐसी घटनाओं की बढ़ती संख्या के कारण, गांव वाले इंसानों की सुरक्षा के लिए असरदार कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। वहीं, कोवाया गांव के सरपंच जीणाभाई वाघ ने कहा है कि, यहां बहुत सारे शेर हैं, इसलिए यहां ट्रैकर्स की भर्ती की जाए ताकि शेरों को कंट्रोल में रखा जा सके। साथ ही उन्होंने सुरक्षा की दूसरी मांगें भी की हैं।

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घटना का पता तब चला जब मौके पर युवक के शरीर के बचे हुए हिस्से, मांस के टुकड़े और खून के निशान मिले। यह सब देखकर आस-पास के लोगों में बहुत डर और चिंता फैल गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए राजुला रेंज वन विभाग तुरंत हरकत में आ गया। घटना की सूचना मिलते ही एसीएफ विरल सिंह चावड़ा और पालिताना शेत्रुंजी डिवीजन के आरएफओ समेत वन विभाग के सीनियर अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी। इस बारे में एससीएफ विरल सिंह चावड़ा ने बताया है कि घटना वाली जगह के आस-पास के इलाके का मुआयना करके शेर के हर एक गतिविधियों के बारे में जानकारी इकट्ठा करने का काम शुरू किया है। साथ ही हमला करने वाले शेर को पकड़ने के लिए वन विभाग ने एक बड़ा ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

घटना वाली जगह के आस-पास समेत घने इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है। इलाके में दूसरे शेरों के भी होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया गया है ताकि कोई जंगली जानवर दूसरे इलाकों में न भाग सके। वहीं, वन्यजीव डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम भी बचाव उपकरण के साथ मौके पर पहुंच गई है। शेर को सुरक्षित पिंजरे में बंद करने या ट्रैंक्विलाइज करके उसे कंट्रोल करने की तैयारी की जा रही है। इस घटना के बाद, वन विभाग ने स्थानीय गांववालों से अपील की है कि वे रात में अकेले बाहर न निकलें, बॉर्डर वाले इलाकों में सावधान रहें और किसी भी शक वाली हरकत की तुरंत रिपोर्ट करें। इस घटना से पूरे इलाके में भारी दहशत फैल गई है और लोगों में सुरक्षा की मांग उठ रही है।