चम्पावत : कथित दुष्कर्म के षडयंत्र में फंसे कांग्रेस प्रदेश सचिव पर एक और मुकदमा
शारदा कॉरिडोर के साइड इंजीनियर ने दर्ज कराई है मारपीट, गाली गलौच, धमकाने की रिपोर्ट
टनकपुर/चम्पावत। चम्पावत के एक गांव की नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के षड्यंत्र में फंसे कांग्रेस के प्रदेश सचिव आनन्द सिंह महरा के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज हुआ है। कांग्रेस नेता के खिलाफ शारदा कॉरिडोर के साइड इंजीनियर ने उनके खिलाफ मारपीट, गाली गलौच, धमकाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस के मुताबिक उत्तर प्रदेश के संभल जिले के निवासी और शारदा कॉरिडोर के साइट इंजीनियर प्रीत प्रताप ने 17 मई की रात पुलिस को तहरीर सौंपी। जिसमें प्रीत प्रताप ने कहा है कि बीती 25 अप्रैल को जब वह खंतखेड़ा में नाले पर लेबलिंग और ट्रेसिंग का काम करवा रहे थे, तभी बनबसा निवासी आनंद सिंह महरा वहां पहुंचे। आरोप है कि आनंद सिंह महरा ने बिना किसी कारण के इंजीनियर के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर दी। जब पीड़ित ने अपने मोबाइल फोन से इस पूरी घटना की वीडियोग्राफी करने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उनके हाथ से मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक दिया, जिससे फोन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
इंजीनियर का कहना है कि मोबाइल तोड़ने के बाद आरोपी ने खुद को कांग्रेसी नेता बताते हुए भविष्य में देख लेने की धमकी दी और मौके से फरार हो गया। इस घटना से भयभीत होकर साइट इंजीनियर अपने घर संभल चले गए थे। घर पहुंचने के बाद पीड़ित ने पूरी घटना की जानकारी कार्यदायी संस्था उत्तराखंड प्रोजेक्ट डेवलपमेंट कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन लिमिटेड के वरिष्ठ अधिकारियों को दी। अधिकारियों के आश्वासन और निर्देश के बाद पीड़ित वापस टनकपुर लौटे और कोतवाली में तहरीर दी। मालूम हो कि शारदा कॉरिडोर उत्तराखंड शासन की एक बेहद महत्वपूर्ण और समयबद्ध परियोजना है।
साइट इंजीनियर प्रीत प्रताप की तहरीर पर पुलिस ने 17 मई को टनकपुर कोतवाली में बीएनएस की धारा 115 (2), 324 (2), 351 (2) और 352 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बूम चौकी प्रभारी संदीप पिल्खवाल को जांच सौंपी गई है। बता दें कि कांग्रेस नेता आनंद सिंह महरा सल्ली क्षेत्र में नाबालिग से फर्जी दुष्कर्म मामले में साजिशकर्ता सहित कई विभिन्न आरोपों में 13 मई से पिथौरागढ़ जेल में बंद है।

