रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा के दावों की खुली पोल, चम्पावत में बीच रास्ते खराब हुईं दो रोडवेज बसें
अमोड़ी और सूखीढांग के पास बसें खराब होने से 50 से अधिक यात्री परेशान, यात्रियों ने उठाए परिवहन निगम की तैयारियों पर सवाल
चम्पावत। रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने के बीच चम्पावत में परिवहन निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए। पर्व के दिन अलग-अलग स्थानों पर रोडवेज की दो बसें बीच रास्ते तकनीकी खराबी के कारण खड़ी हो गईं। दोनों बसों में 50 से अधिक यात्री सवार थे, जिन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जानकारी के अनुसार, अमोड़ी के पास एक रोडवेज बस अचानक खराब हो गई। वहीं दूसरी घटना टनकपुर से लोहाघाट जा रही रोडवेज बस के साथ हुई, जो सूखीढांग के पास तकनीकी खराबी के कारण रुक गई।

सूखीढांग के पास खराब हुई बस को तकनीकी समस्या के चलते आगे नहीं ले जाया जा सका। यात्रियों के मुताबिक बस में करंट पास नहीं होने की समस्या सामने आई। इसके बाद तकनीशियन को मौके पर बुलाया गया, लेकिन बस को ठीक करने में काफी समय लग गया। होने में कितना समय लगेगा, इसकी स्पष्ट जानकारी यात्रियों को नहीं मिल सकी। रक्षाबंधन के पर्व पर अपने घर जाने के लिए निकले यात्री सड़क किनारे बस के ठीक होने का इंतजार करते रहे। पर्व के दिन बस सेवा बाधित होने से यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिली।
पर्व से पहले तैयारियों पर सवाल
रक्षाबंधन जैसे पर्व पर यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में काफी बढ़ जाती है। इसके साथ ही महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा होने के कारण बसों में अतिरिक्त भीड़ की संभावना भी पहले से रहती है। ऐसे में परिवहन निगम की ओर से बसों की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की विशेष जांच किए जाने की उम्मीद रहती है। लेकिन पर्व के दिन दो बसों के बीच रास्ते खराब हो जाने से परिवहन निगम की तैयारियों और बसों की तकनीकी स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं।
मुफ्त यात्रा के साथ सुरक्षित और समयबद्ध सफर भी जरूरी
रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा सरकार की ओर से दी गई महत्वपूर्ण सुविधा है, लेकिन यात्रियों का कहना है कि इस तरह सुविधा का वास्तविक लाभ तभी मिल सकता है, जब बस सेवा सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध भी हो। केवल किराया माफ कर देना पर्याप्त नहीं है। यदि बस बीच रास्ते खराब हो जाए और यात्रियों को घंटों सड़क पर इंतजार करना पड़े, तो सुविधा का उद्देश्य प्रभावित होता है।
पर्व के दिन दो रोडवेज बसों के खराब होने की घटना ने एक बार फिर परिवहन निगम की बसों की फिटनेस, नियमित सर्विसिंग और तकनीकी निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि परिवहन निगम इस मामले को महज तकनीकी खराबी मानकर आगे बढ़ता है या पर्वों के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बसों की जांच और वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई ठोस कदम उठाता है।

