वरिष्ठ शिक्षाविद् रमेश चंद्र पाण्डेय का निधन, लोहाघाट में शोक की लहर
80 वर्ष की आयु में पुणे में ली अंतिम सांस, शिक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्र में दिया दशकों तक योगदान
लोहाघाट/चम्पावत। क्षेत्र के वरिष्ठ शिक्षाविद् एवं समर्पित शिक्षक रमेश चंद्र पाण्डेय का शुक्रवार को 80 वर्ष की आयु में पुणे में निधन हो गया। उन्होंने शाम करीब पांच बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही लोहाघाट सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
रमेश चंद्र पाण्डेय ने वर्ष 1970 में राजकीय इंटर कॉलेज धारचूला से शिक्षक के रूप में अपनी राजकीय सेवा शुरू की। इसके बाद वर्ष 1972 से 1985 तक राजकीय इंटर कॉलेज लोहाघाट में शिक्षक के रूप में सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने अपनी निष्ठा, कर्तव्यपरायणता और समर्पण से विद्यार्थियों के बीच विशेष पहचान बनाई।

वर्ष 1985 से 2006 तक उन्होंने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), भीमताल में सेवाएं दीं। इसके बाद वर्ष 2006 से 2008 तक प्राचार्य, डाइट लोहाघाट के पद पर कार्य किया और राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हुए।
सेवानिवृत्ति के बाद भी शिक्षा से जुड़े रहे
राजकीय सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद भी पाण्डेय का शिक्षा के प्रति समर्पण कम नहीं हुआ। वर्ष 2008 से 2020 तक उन्होंने ऑकलैंड पब्लिक स्कूल में प्रधानाचार्य के रूप में कार्य किया और शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
शिक्षा के साथ-साथ वे सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहे। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के संचालन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती थी। लोहाघाट की प्रसिद्ध रामलीला के मंचन में भी उन्होंने लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति
रमेश चंद्र पाण्डेय अपने सहज व्यवहार, कर्तव्यनिष्ठा और शिक्षा के प्रति समर्पण के लिए विद्यार्थियों, शिक्षकों और समाज के बीच विशेष रूप से सम्मानित थे। उनके निधन को शिक्षा एवं सांस्कृतिक क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
उनके निधन की खबर से पूर्व विद्यार्थी, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग शोक में डूब गए। क्षेत्रवासियों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य एवं शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

