कुमाऊं के पहले अशोक चक्र विजेता कैप्टन उम्मेद सिंह माहरा की धर्मपत्नी देवकी देवी का निधन
लोहाघाट/चम्पावत। 19वीं बटालियन राजपूताना राइफल्स के वीर सैनिक और कुमाऊं क्षेत्र के प्रथम अशोक चक्र विजेता, शहीद कैप्टन उम्मेद सिंह माहरा की धर्मपत्नी श्रीमती देवकी देवी का आज सुबह 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उन्होंने अपने निवास स्थान हथंरगीया (जनकंडे) में अंतिम सांस ली।

श्रीमती देवकी देवी न केवल एक वीर सैनिक की जीवनसंगिनी थीं, बल्कि वे स्वयं भी त्याग, साहस और धैर्य की एक मिसाल थीं। उन्होंने अपना पूरा जीवन देशभक्ति और ऊंचे पारिवारिक मूल्यों के साथ जिया। वे आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी। उनके निधन से पूरे लोहाघाट और जनकंडे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। उनका अंतिम संस्कार आज दोपहर रिकेश्वर श्मशान घाट में किया जाएगा। देवकी देवी के पति कैप्टन उम्मेद सिंह माहरा ने जुलाई 1971 में नागालैंड में उग्रवादियों के विरुद्ध एक अत्यंत दुर्गम ऑपरेशन का नेतृत्व किया था, जहां गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए मिशन पूरा किया और वीरगति प्राप्त की। उनकी इसी वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च शांतिकालीन सैन्य सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया था।
देवकी देवी के निधन पर भूपेंद्र सिंह माहरा और दीपक माहरा उन्हें मुखाग्नि देंगे। उनके निधन पर जिला पंचायत सदस्य अशोक महरा, विधायक खुशाल सिंह अधिकारी, पूर्व विधायक पूरन सिंह फर्त्याल, पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, गोविंद सिंह बोहरा, राजू गड़कोटी, जीवन गहतोड़ी, मोहन चंद्र राय और जीवन राय सहित कई स्थानीय नागरिक शामिल हैं। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है।


