चम्पावत: शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी को 10 साल की जेल, कोर्ट ने सुनाया फैसला
चम्पावत। विवाह का झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाने के आरोपी एक युवक को चम्पावत के सत्र न्यायालय ने दोषी पाया है। चम्पावत के सत्र न्यायालय ने गुनाहगार व्यक्ति को बीते कल 4 जून को सजा का आदेश दिया, जिसमें अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता विद्याधर जोशी ने पैरवी की थी।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता की तहरीर पर 19 मार्च 2024 को रीठा साहिब थाने में भारतीय दंड संहिता की धारा 376 एवं दहेज प्रतिषेध अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप के अनुसार बलवंत सिंह चिलवाल, जो ग्राम चमोली खन्स्यूं, मुक्तेश्वर, नैनीताल का निवासी है, उसने एक युवती को शादी का झांसा देकर जबरन शारीरिक संबंध बनाए थे। इसके बाद अभियुक्त शादी से मुकर गया और जब काफी समझाने के बाद शादी के लिए राजी भी हुआ, तो उसने दहेज की मांग करना शुरू कर दिया। आरोप पत्र दायर होने के बाद सत्र न्यायालय में मामले की गहन सुनवाई हुई, जिसके दौरान विभिन्न दस्तावेजों, साक्ष्यों और बयानों के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त को पूरी तरह दोषी ठहराया। सत्र न्यायाधीश और जिला जज अनुज कुमार संगल ने गुनाहगार बलवंत सिंह चिलवाल को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 के अंतर्गत 10 वर्ष का साधारण कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। इसके साथ ही कोर्ट ने आदेश दिया कि अर्थदंड नहीं देने पर दोषी को 6 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। विवेचना और विचारण के दौरान जेल में बिताई गई अवधि का समायोजन मुख्य सजा की अवधि में किया जाएगा, हालांकि अभियुक्त को दहेज प्रतिषेध अधिनियम के आरोप से संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त किया गया है।

