उधमसिंह नगरनवीनतम

रुद्रपुर में पेट्रोल भरवाते ही बंद हुए दर्जनों वाहन, उपभोक्ताओं का हंगामा; मिलावटी ईंधन की जांच शुरू

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रुद्रपुर। उधम सिंह नगर मुख्यालय रुद्रपुर में बुधवार को एक पेट्रोल पंप पर उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब पेट्रोल भरवाने के बाद दर्जनों वाहन कुछ ही दूरी पर जाकर अचानक बंद हो गए। नाराज वाहन चालकों ने पेट्रोल में मिलावट या अत्यधिक इथेनॉल होने का आरोप लगाते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पूर्ति विभाग ने जांच शुरू कर दी है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई वाहन चालक पेट्रोल भरवाकर पेट्रोल पंप से निकले ही थे कि उनकी बाइक और अन्य वाहन रास्ते में बंद होने लगे। लगातार कई वाहनों में एक जैसी समस्या आने से लोगों को संदेह हुआ कि खराबी ईंधन की गुणवत्ता में है। इसके बाद प्रभावित उपभोक्ता वापस पेट्रोल पंप पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

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हंगामे के दौरान पेट्रोल पंप के सेल्स मैनेजर ने कुछ प्रभावित वाहनों के टैंक से पेट्रोल निकलवाया। मौके पर मौजूद लोगों का दावा है कि अलग-अलग वाहनों से निकाले गए पेट्रोल का रंग अलग-अलग दिखाई दे रहा था। इससे उपभोक्ताओं का संदेह और गहरा गया। उनका कहना था कि यदि ईंधन मानकों के अनुरूप होता, तो इतनी बड़ी संख्या में वाहन एक साथ बंद नहीं होते।

विरोध बढ़ने पर पेट्रोल पंप प्रबंधन ने प्रभावित उपभोक्ताओं से बातचीत की। कर्मचारियों ने मिलावट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा अधिक होने के कारण कुछ वाहनों में तकनीकी दिक्कत आ सकती है। हालांकि, प्रबंधन ने प्रभावित वाहनों से निकाले गए पेट्रोल की पूरी राशि उपभोक्ताओं को वापस कर दी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई।

इस घटना के बाद ईंधन की गुणवत्ता, आपूर्ति व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि केवल पैसे लौटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आखिर एक साथ इतने वाहनों के बंद होने की वास्तविक वजह क्या थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

जिला पूर्ति अधिकारी विनोद तिवारी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिलने के बाद विभाग ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया पर खबर देखने के बाद मामले का संज्ञान लिया गया है। जांच कराई जाएगी। जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।” अब पूरे मामले में जिला पूर्ति विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि वाहनों के अचानक बंद होने के पीछे ईंधन की गुणवत्ता जिम्मेदार थी या कोई अन्य तकनीकी कारण।