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चमोली टनल हादसे का जायजा लेने जा रहे गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की गाड़ी पर गिरा बोल्डर, बाल-बाल बचे

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तोता घाटी के पास हुआ हादसा, वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त; मरम्मत के बाद पीपलकोटी के लिए दोबारा रवाना हुए सांसद

चमोली। पीपलकोटी के मायापुर में हुए टनल हादसे का जायजा लेने जा रहे गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की गाड़ी पर शुक्रवार को ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर तोता घाटी के पास अचानक पहाड़ी से बोल्डर गिर गया। बोल्डर सीधे सांसद की इनोवा गाड़ी पर जा लगा। हादसे में अनिल बलूनी समेत वाहन में सवार सभी लोग सुरक्षित हैं, जबकि गाड़ी का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

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जानकारी के अनुसार, अनिल बलूनी भारी बारिश के बीच पीपलकोटी क्षेत्र में हुए टनल हादसे का जायजा लेने और प्रभावित लोगों से मुलाकात करने जा रहे थे। इसी दौरान तोता घाटी के पास अचानक पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर नीचे गिरा और उनकी गाड़ी से जा टकराया। बोल्डर की चपेट में आने से वाहन के बाईं ओर का अगला हिस्सा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया।

गनीमत रही कि हादसे में सांसद सहित किसी को चोट नहीं आई। घटना के बाद कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। क्षतिग्रस्त वाहन को श्रीनगर ले जाया गया, जहां आवश्यक मरम्मत कराई गई। इसके बाद अनिल बलूनी दोबारा पीपलकोटी के लिए रवाना हो गए। हादसे के बाद सांसद अनिल बलूनी ने कहा, “बदरी-केदार की कृपा से सभी लोग सुरक्षित हैं। वाहन को थोड़ा नुकसान हुआ है। ऐसे में रिपेयर कराने के बाद अब पीपलकोटी के लिए निकल पड़े हैं।”

पीपलकोटी टनल हादसे में अब तक 7 मौतें

बता दें कि 13 अगस्त की शाम करीब सात बजे चमोली जिले के पीपलकोटी के मायापुर में टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसी) की निर्माणाधीन विष्णुगाड़-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टीआरटी टनल में अचानक मलबा और पानी घुस गया था। इससे टनल के अंदर काम कर रहे कई श्रमिक फंस गए थे। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र देहरादून के अनुसार, करीब तीन किलोमीटर लंबी टनल के लगभग 1.50 किलोमीटर हिस्से में भू-धंसाव के कारण मलबा और पानी आने से श्रमिक अंदर फंस गए थे। हादसे के बाद कुल 22 लोगों के फंसे होने की सूचना मिली थी। इनमें से 12 घायलों को सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया गया। हादसे में अब तक सात लोगों की मौत की सूचना है, जबकि शेष तीन लोगों की तलाश और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एसडीआरएफ समेत विभिन्न एजेंसियों का सर्च एवं रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए टनल के अंदर गए छह बचावकर्मी भी सुरक्षित बताए गए हैं।