आपसी तालमेल से होगा भारत-नेपाल सीमा विवाद का समाधान, दोनों देशों के अधिकारियों की नेपाल में हुई बैठक
सीमा स्तंभों के निर्माण और मरमम्त कार्य पर बनी सहमति
टनकपुर/चम्पावत। भारत-नेपाल के सीमा स्तंभों के संरक्षण, मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य तेज करने के उद्देश्य से सोमवार को नेपाल के कंचनपुर जिला मुख्यालय महेन्द्रनगर में दोनों देशों के अधिकारियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। नेपाल के कैलाली जिले के प्रमुख जिला अधिकारी हीरा लाल रेग्मी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से लगी सीमा पर आपसी समन्वय से विवाद और अतिक्रमण का समाधान कर सौहार्दपूर्वक माहौल में सीमा स्तंभों का निर्माण व मरमत का कार्य संपन्न कराने पर सहमति जताई गई है।

सीमा संबंधी तकनीकी विषयों पर आपसी तालमेल से सीमांकन की स्पष्टता बनाये रखने और सीमा स्तंभों के संरक्षण को मजबूत करने में दोनों ओर से सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की गई। बैठक में सीमा क्षेत्रों में सामने आ रही तकनीकी समस्याओं के समाधान, आवश्यक समन्वय और आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। सीमा प्रबंधन से जुड़े विभिन्न निकायों के बीच समन्वय को और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया गया। बैठक के समापन से पूर्व अधिकारियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कैलाली नेपाल के प्रमुख जिलाधिकारी हीरा लाल रेग्मी और भारत के उधमसिंह नगर जिले के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने मीडिया को बताया कि बैठक में सीमा सम्बन्धी हर विवाद का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान किए जाने पर सहमति बनी है।

बैठक में कंचनपुर नेपाल के प्रमुख जिलाधिकारी मदन कोइराला, बैतड़ी जिले के प्रमुख जिलाधिकरी डा. दीजन भट्टराई, डेलधुरा के प्रमुख जिलाधिकारी अमर बहादुर ओली, दार्चुला के प्रमुख जिलाधिकारी अनिल पौडेल, एसएसपी कैलाली, लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, पीलीभीत जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह, एसएसपी खीरी, नार्थ खीरी के प्रभागीय वनाधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी पीलीभीत, कंचनपुर एसपी, उप प्रमुख जिलाधिकारी कंचनपुर, एसएसबी की 39 वी बटालियन पीलिया के कमांडेंट, 57 वी बटालियन सितारगंज के कमांडेंट समेत भारत-नेपाल के विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद थे।

