ड्यूटी से लौट रहे सेना के जवान की गई जिंदगी, परिजनों में मचा कोहराम
11 साल के मासूम बेटे ने दी पिता की चिता को मुखाग्नि
उत्तराखंड के पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश से एक बेहद दुखद खबर सामने आ रही है, जहां पर ड्यूटी से लौट रहे सेना के जवान की हार्ट अटैक से जिंदगी चली गई। घटना की खबर सुनते ही शहीद जवान के परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा वहीं पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। बीते दिन सेना के जवान की पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई की गई इस दौरान हर किसी की आँखों से आँसू छलक उठे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के मलांगड मियां गांव निवासी 36 वर्षीय विशंबर सिंह भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजिमेंट में तैनात थे। बीते सोमवार की सुबह विशंबर अपनी यूनिट में पीटी में शामिल हुए थे। ड्रिल पूरी होने के बाद विशंबर साइकिल से यूनिट लौट रहे थे, तभी अचानक से उनकी तबीयत बिगड़ गई। उनकी तबीयत को बिगड़ता देख अन्य जवान उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे ,जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर का कहना है कि उनकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है।
विशंबर सिंह अपने पीछे अपने माता-पिता पत्नी सोनिया देवी और दो छोटे बच्चों ( 11 साल व 6 महीने) के बच्चे को हमेशा के लिए रोता बिलखता छोड़ गए हैं। बताते चलें शहीद जवान के पिता रसीला राम भी सेना से रिटायर्ड हैं। बताते चलें विशंबर की शहादत परिवार के लिए दूसरा बड़ा सदमा है क्योंकि इससे ठीक 5 साल पहले विशंबर के छोटे भाई इस दुनिया को छोड़कर हमेशा के लिए जा चुके हैं, जो भारतीय सेना में अपनी सेवाएं दे रहे थे।
परिजनों के मुताबिक मंगलवार की सुबह शहीद विशंबर का पार्थिव शरीर देहरादून से उनके पैतृक आवास पहुंचा ,जहां पर शमशान घाट पर उन्हें पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। बताते चलें विशंबर की चिता को उनके 11 साल के बेटे अक्षित ने मुखाग्नि दी इस भावुक पल को देखकर हर किसी की आँखे भर आई। बताया जा रहा है विसंबर वर्ष 2008 जुलाई में भारतीय सेना की आर्टिलरी रेजीमेंट में शामिल हुए थे।

