उत्तराखण्डनवीनतमलोकसभा चुनाव 2024

उत्तराखंड में 56 फीसदी ही हुई वोटिंग, अल्मोड़ा लोकसभा सीट पर हुआ सबसे कम मतदान, प्रदेश में लगातार दूसरी बार गिरा मतदान

ADVERTISEMENTS Ad
ख़बर शेयर करें -

उत्तराखंड की पांचों लोकसभा सीटों पर मतदान प्रतिशत के जो रुझान आए हैं, उसने राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों की पेशानी पर बल पड़ गए हैं। प्रचार और जागरूकता की तमाम कोशिशों के बावजूद उत्तराखंड का मतदाता बड़ी संख्या में अपने घरों से बाहर नहीं निकला। नतीजा यह है कि लोकसभा चुनाव में 56% प्रतिशत मतदाताओं ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 2019 के लोस चुनाव में पांचों सीटों पर 58.01 प्रतिशत वोट पड़े थे। 75 प्रतिशत का लक्ष्य काफी दूर रह गया।

75 प्रतिशत का लक्ष्य नहीं हो सका पूरा
चुनाव आयोग ने उत्तराखंड में इस बार 75 प्रतिशत मतदान का लक्ष्य रखा था। 2019 में 61.88 प्रतिशत मतदान हुआ था, लेकिन इस बार पांचों सीटों पर मतदान 60 प्रतिशत का लक्ष्य भी पूरा नहीं हो पाया। खुशुनमा मौसम के बीच सुबह सात बजे जब मतदान शुरू हुआ तो राजनीतिक दल, उम्मीदवार और चुनाव आयोग की टीम मतदेय स्थलों पर मतदाताओं की जुटती भीड़ को देख उत्साहित थे, लेकिन यह उत्साह 11 बजे के बाद काफूर हो गया। तीन और पांच बजे मतदान के जो आंकड़े आए, उसने उम्मीदवारों की भी बेचैनी बढ़ा दी है।

Ad Ad

अबकी ऐसे रहा मतदान का प्रतिशत और समय
मतदान- 9.00 बजे तक
राज्य में कुल औसत-10.54
नैनीताल-10.23
हरिद्वार-12.49
अल्मोड़ा-10.13
टिहरी-10.23
गढ़वाल- 9.46
2019 का औसत 10.9

मतदान-11:00 बजे तक
राज्य में कुल औसत-24.83
नैनीताल-26.46
हरिद्वार-26.47
अल्मोड़ा-22.21
टिहरी-23.23
गढ़वाल-23.43
2019 का औसत 23.59

मतदान 1:00 बजे तक
राज्य का कुल औसत 37.33
नैनीताल-40.56
हरिद्वार-39.41
अल्मोड़ा-32.60
टिहरी-35.29
गढ़वाल-36.60
साल 2019 का औसत 36

मतदान-3:00 बजे तक
राज्य का कुल औसत-45.62
नैनीताल-49.94
हरिद्वार-49.62
अल्मोड़ा-38.43
टिहरी-44.95
गढ़वाल-42.12
साल 2019 का औसत-48.42

मतदान 5:00 बजे तक
राज्य का कुल औसत 53.56
नैनीताल-59.36
हरिद्वार-59.01
अल्मोड़ा-44.53
गढ़वाल – 48.79
टिहरी-51.01
2019 का औसत 58.01

2019 में पांच बजे तक मतदान प्रतिशत
कुल औसत-58.01
नैनीताल-65.96
हरिद्वार-67.66
अल्मोड़ा-49.98
टिहरी-57.78
गढ़वाल-54.24

Ad Ad