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टनकपुर में रेलवे आज से हटाएगा अतिक्रमण, लोगों ने विरोध दर्ज कराया

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टनकपुर। रेलवे की भूमि में अतिक्रमण की जद में आ रहे लोगों के कड़े विरोध के बीच रेलवे प्रशासन मंगलवार यानि आज से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करेगा। इसके लिए रेलवे ने पूरी तैयारी कर ली है। साथ ही स्थानीय प्रशासन से भी सहयोग मांगा गया है। रेलवे की ओर से नोटिस चस्पा कर तीन दिन के अंदर भूमि खाली नहीं करने पर अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई शुरू करने की चेतावनी दी गई थी, जिसकी मियाद पूरी होने पर अब रेलवे ने मंगलवार से रेलवे अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करने जा रहा है। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के जनसंपर्क अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पीलीभीत से मंगलवार की सुबह रेलवे के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम फोर्स के साथ टनकपुर पहुंचेगी। स्थानीय प्रशासन को भी कार्रवाई में सहयोग के लिए पत्र भेजा गया है। एसडीएम सुंदर सिंह ने बताया कि रेलवे की ओर से अतिक्रमण हटाने के लिए सहयोग मांगा गया है, लेकिन कार्रवाई से पूर्व भूमि का संयुक्त सर्वे भी किया जाना है। फिलहाल रेलवे के आग्रह पर तहसीलदार पिंकी आर्या को कार्रवाई में सहयोग की जिम्मेदारी दी गई है।

भाजपाइयों ने भी दिया ज्ञापन
टनकपुर। भाजपाइयों ने भी एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर अतिक्रमण हटाओ अभियान से पहले राजस्व, नगर पालिका और रेलवे द्वारा संयुक्त सर्वे करने की मांग की। इसके बाद ही रेलवे को अतिक्रमण हटाने की अनुमति दी जाए। ज्ञापन देने वालों में भाजपा मंडल अध्यक्ष तुलसी कुंवर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दीप चंद्र पाठक, मां पूर्णागिरि मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष पं. भुवन चंद्र पांडेय, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष अमजद हुसैन, बीडीसी सदस्य अशोक पाल, विजेंद्र अग्रवाल आदि थे।

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अतिक्रमण के नोटिस से भड़के लोग, प्रदर्शन
टनकपुर। नोटिस के बाद अतिक्रमण की जद में आ रहे लोगों ने रेलवे के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पालिका और तहसील में प्रदर्शन कर नोटिस का विरोध किया। आरोप लगाया कि रेलवे द्वारा जबरन अपनी भूमि बताकर डराया-धमकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने से पहले रेलवे द्वारा भूमि का मालिकाना हक प्रमाणित कराया जाए और न्यायालय के फैसले के बाद ही कोई कार्रवाई हो। संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले सोमवार को लोग पालिका में प्रदर्शन करने के बाद तहसील कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने रेलवे प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। समिति की ओर से एसडीएम सुंदर सिंह को सौंपे ज्ञापन में कहा गया है कि चस्पा किए गए नोटिस में न तो रेलवे की मुहर है और न किसी अधिकारी ने हस्ताक्षर ही किए हैं। आरोप लगाया कि फ र्जी तरीके से नोटिस देकर रेलवे के लोग असंवैधानिक तरीके से भूमि खाली कराने का प्रयास कर रहे हैं जबकि पूर्व में हुई बैठक में रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने संयुक्त सर्वे कराने का फैसला लिया था जो अब तक नहीं हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री और एसडीएम से रेलवे की अतिक्रमण हटाओ अभियान रोकने का आग्रह किया है। एसडीएम ने इस संबंध में रेलवे अधिकारियों से वार्ता कर समाधान निकालने का भरोसा दिया है। प्रदर्शन में सभासद रईस अहमद, मुस्तफा अंसारी, राजेंद्र रजवार, गौरव गुप्ता, सुनील वाल्मीकि, शमसुल हसन, रईस खान, सूरज आदि शामिल थे।

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