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टनकपुर : पुलिस ने 8.78 ग्राम अवैध स्मैक के साथ दो शातिर तस्करों को किया गिरफ्तार

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टनकपुर/चम्पावत। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत चम्पावत पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सख्त अभियान के क्रम में टनकपुर कोतवाली पुलिस ने दो शातिर नशा तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई 8 जून को क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण तथा टनकपुर कोतवाली प्रभारी श्री चेतन रावत के कुशल निर्देशन में की गई।

पुलिस टीम द्वारा टनकपुर क्षेत्र में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान पूर्णागिरि विहार की पहाड़ी के उत्तरी किनारे पर खड़ी गाड़ियों के पास से दो संदिग्धों को दबोचा गया। तलाशी लेने पर अभियुक्त राजन सक्सेना (उम्र 19 वर्ष), पुत्र उमेश सक्सेना, निवासी वार्ड नंबर 1 पूर्णागिरी विहार कॉलोनी टनकपुर के कब्जे से 4.53 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। वहीं दूसरे अभियुक्त यश गुप्ता (उम्र 21 वर्ष), पुत्र स्वर्गीय मनोज कुमार गुप्ता, निवासी वार्ड नंबर 1 पूर्णागिरि विहार टनकपुर के पास से 4.25 ग्राम अवैध स्मैक बरामद की गई। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से कुल 8.78 ग्राम अवैध स्मैक बरामद कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों तस्करों के खिलाफ थाना टनकपुर में एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

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गिरफ्तार किए गए दोनों तस्करों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी नशा तस्करी व अन्य अपराधों में जेल जा चुके हैं। अभियुक्त राजन सक्सेना के खिलाफ पूर्व में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा (FIR No 118/2024) दर्ज है, जबकि दूसरे अभियुक्त यश गुप्ता के खिलाफ पूर्व में तीन गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मुकदमे (FIR No 69/2025 व FIR No 52/2025) और लूट व चोरी की धाराओं में एक मुकदमा (FIR No 56/2023) शामिल है। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अकरम अहमद, हेड कांस्टेबल कमल कुमार और कांस्टेबल अनिल गुप्ता शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि उत्तराखंड को ड्रग्स मुक्त बनाने में सार्वजनिक सहयोग बेहद जरूरी है। यदि किसी को भी अपने आस-पास कोई नशीले पदार्थों का व्यापार या अन्य संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो वे तुरंत टोल-फ्री नंबर 1933, आपातकालीन नंबर 112 या अपने नजदीकी थाना/चौकी पर इसकी सूचना दें, ताकि नशे के इस कारोबार को पूरी तरह खत्म किया जा सके।