केदारनाथ में वीआईपी दर्शन को लेकर हंगामा, तीर्थपुरोहितों का फूटा गुस्सा, जानें क्या है पूरा मामला…
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन को लेकर विवाद एक बार फिर गहराता नजर आ रहा है। शुक्रवार को देश के जाने-माने उद्योगपति गौतम अडानी अपनी पत्नी के साथ धाम पहुंचे। गौतम अडानी ने शादी की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उनके इस दौरे के बाद तीर्थपुरोहितों में नाराजगी खुलकर सामने आ गई।

वीआईपी दर्शन को लेकर पहले से तीर्थ पुरोहितों में आक्रोश बना हुआ था, शुक्रवार को वो आक्रोश बाहर आ गया। तीर्थपुरोहितों ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। तीर्थपुरोहित अंकुर शुक्ला ने कहा कि केदारनाथ धाम में वीआईपी दर्शन की व्यवस्था से आम श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि विशेष लोगों को प्राथमिकता दिए जाने से व्यवस्थाएं प्रभावित हो रही हैं। जिसके कारण केदारनाथ धाम में लंबी लंबी कतारें लग रही हैं। जिससे लाइनों में लगे श्रद्धालुओं में असंतोष बढ़ रहा है। ब्लॉक प्रमुख पंकज शुक्ला, प्रदीप शुक्ला, तेज प्रकाश त्रिवेदी सहित सैकड़ों तीर्थ पुरोहितों ने केदारनाथ धाम में वीआईपी प्रथा का विरोध किया।
उन्होंने कहा जब से हेमंत द्विवेदी ने बीकेटीसी अध्यक्ष का पद संभाला है, तब से व्यवस्थाओं में गिरावट देखने को मिल रही है। तीर्थपुरोहितों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही वीआईपी दर्शन व्यवस्था पर पुनर्विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं, इस पूरे मामले ने केदारनाथ यात्रा की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं के बीच वीआईपी और आम दर्शन की व्यवस्था को लेकर संतुलन बनाए रखना प्रशासन और मंदिर समिति के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
बता दें चारधाम यात्रा पूरे आस्था और जोश के साथ चल रही है। चारों धामों में जबरदस्त भीड़ उमड़ रही है। जिसकी तस्दीक आंकड़े कर रहे हैं। अभी तक 4 लाख 97 हजार से ज्यादा श्रद्धालु चारधाम के दर्शन कर चुके हैं। जिसमें सबसे ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंचे हैं।

