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उत्तराखंड : कैदियों के एचआईवी संक्रमित होने के मामले को लेकर जेल अधीक्षक ने खबरों का किया खंडन, जानें जारी किए गए प्रेस नोट में क्या क्या कहा गया है …

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उप कारागार हल्द्वानी के जेल अधीक्षक ने उन खबरों का खंडन किया है, जिनमें कहा गया है कि जेल के 54 बंदी एक साथ एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने इस बात को स्वीकार तो किया है कि कैदी एचआईवी संक्रमित हैं, लेकिन उनका कहना है कि ऐसे कैदियों की संख्या बदलती रहती है। उन्होंने यह भी कहा है कि जो भी कैदी एचआईवी संक्रमित पाए गए हैं, उनमें अधिकांश एनडीपीएस एक्ट के तहत बंदी हैं। वे सभी बाहर से ही संक्रमित होकर आए हैं।

जेल अधीक्षक की ओर से शनिवार को जारी किए गए प्रेस नोट में कहा गया है कि …. आज दिनांक-08-04-2023 को विभिन्न समाचार-पत्रों एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया में यह खबर प्रकाशित एवं प्रसारित की जा रही है कि, उप कारागार, हल्द्वानी में 54 बंदी एक साथ एच०आई०वी० रोग से संकमित पाये गये हैं। कारागार प्रशासन के संज्ञान में आने पर कारागार प्रशासन द्वारा इस खबर का खण्डन किया जाना आवश्यक है, अवगत कराया जाता है कि, कारागार विभाग में प्रतिदिन आने वाले बंदियों की मेडिकल जांच की जाती है, जिसमें एच0आई0वी0 जांच भी सम्मिलित है। उप कारागार, हल्द्वानी में निरूद्ध बंदी वर्ष 2019 से वर्ष 2023 की वर्तमान तिथि तक विभिन्न तिथियों में हुयी एच0आई0वी0 जांच में संकमित पाये गये है। जो बंदी एच0आई0वी0 संकमित पाये गये है उनमें से अधिकांश बंदी एन०डी०पी०सी० एक्ट में कारागार में निरूद्ध है तथा वह स्वयं भी बाहर से ही इन्जेक्शन के नशे के आदी रहे हैं। समस्त एच०आई०वी० रोग से संक्रमित बंदी डॉ० सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय हल्द्वानी के ए0आर0टी0, सेन्टर में पंजीकृत है। संक्रमित बंदियों को रोग की दवा ए०आर०टी० सेन्टर द्वारा प्रदान की जाती है, जिसका कारागार के चिकित्साधिकारी के देखरेख में बंदियों को सेवन कराया जाता हैं।

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उप कारागार, हल्द्वानी में एच०आई०वी० रोग से ग्रसित समस्त बंदी कारागार में दाखिल होने से पूर्व ही इस रोग से संकमित थे, जिनकी कारागार में हुयी एच०आई०वी० जांच के दौरान वह इस रोग से संकमित पाये गये। कुछ बंदी कारागार में निरूद्ध होने से पूर्व ही डॉ० सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय हल्द्वानी के ए०आर०टी०, सेन्टर में पंजीकृत थे। कारागार की यह अच्छी प्रक्रिया है कि जिसमें बंदियों की जांच कारागार में आते ही होने पर ए०आर०टी सेन्टर से लिंक कराकर ईलाज कराया जा रहा है। उप कारागार, हल्द्वानी में एक साथ 54 बंदी एच०आई०वी० रोग से संकमित नहीं हुये हैं, यह संख्या समस-समय पर एच0आई0वी0 जांच में संक्रमित बंदियों की कुल संख्या है। यह खबर पूर्ण रूप से असत्य तथा भ्रामक है, कारागार प्रशासन इस झूठी खबर का खण्डन करता है।

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