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उत्तराखंड: महिला को बनाया निवाला, गुस्साए ग्रामीणों ने रेंज अधिकारी को घेरा, जमकर हुई हाथापाई, वीडियो देखें

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नैनीताल जनपद के रामनगर में स्थित विश्व प्रसिद्ध जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क के ढेला रेंज में लकड़ी बीनने जंगल गई महिलाओं पर बाघ ने हमला कर दिया। बाघ एक महिला को अपने जबड़े से पकड़ कर जंगल की ओर घसीटकर ले गया। ग्रामीणों की सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने सर्च ऑपरेशन चलाया। कुछ देर बार महिला का क्षत विक्षत शव जंगल में दो किमी अंदर मिला। इससे ग्रामीण आक्रोशित हो गए और कॉर्बेट पार्क के रेंज अधिकारियों के साथ जमकर धक्कामुक्की कर दी।

रामनगर स्थित कॉर्बेट नेशनल पार्क के आसपास कई ग्रामीण इलाकों में बाघ का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। बाघ पिछले 4 महीने में चार लोगों को अपना निवाला बना चुका है, जबकि आधा दर्जन ग्रामीणों को घायल कर चुका है। शनिवार दोपहर ढेला गांव की रहने वाली 50 वर्षीय कला देवी पर बाघ ने हमला कर दिया। कला देवी गांव की तीन अन्य महिलाओं के साथ जंगल में लकड़ी और घास लेने गई थी। इसी बीच बाघ ने घात लगाकर कला देवी पर हमला कर दिया। बाघ महिला को जंगल की तरफ घसीटकर ले गया। ये देख अन्य महिलाओं ने गांव में ग्रामीणों को सूचना दी।

ग्रामीणों ने घटना की सूचना वन विभाग और कॉर्बेट पार्क प्रशासन को भी दी। इसके बाद वन विभाग, कॉर्बेट पार्क प्रशासन और ग्रामीणों ने महिला की खोज के लिए जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब 2 घंटे बाद वन विभाग को 2 किमी अंदर जंगल में महिला का क्षत विक्षत शव मिला। वहीं मौके पर पशु चिकित्सकों की टीम भी पहुंची। उन्होंने महिला पर बाघ के हमले की पुष्टि की। इसके बाद मौके पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों ने वन विभाग और कॉर्बेट प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताना शुरू कर दिया। ग्रामीणों की रेंज अधिकारी अजय ध्यानी के साथ तीखी नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से क्षेत्र में बाघ का आतंक बना हुआ है, लेकिन विभाग ने ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई उपाय नहीं किए। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए वन विभाग को महिला का शव नहीं उठाने दिया। ग्रामीण मौके पर ही बाघ को गोली मारने की मांग पर अड़े रहे। फिलहाल वन विभाग ने बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगा दिया है।

ग्रामीणों का कहना था कि लंबे समय से क्षेत्र में बाघ का आतंक बना हुआ है, लेकिन विभाग द्वारा ना तो इसे पकड़ा गया और ना ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए कोई उपाय किए गए। उन्होंने बताया कि ग्राम ढेला और सावल्दे में यह चौथी घटना है। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कर्मचारियों को महिला का शव नहीं उठाने दिया। वे मौके पर ही बाघ को गोली मारने की मांग पर अड़े गए। मालूम हो कि बाघ को पकड़ने के लिए लंबे समय से संघर्ष समिति द्वारा आंदोलन भी किया जा रहा है। इस बार तो मृतक कला देवी के परिजनों ने यह तक कह दिया है कि मृतक का शव पिंजरे में रखकर ही बाग को ट्रेंकुलाइज किया जाए।