भारतीय शूटिंग टीम के कोच जसपाल राणा के निधन पर पीएम मोदी व सीएम धामी ने जताया शोक, 18 की उम्र में पाया था अर्जुन पुरस्कार

नई दिल्ली/देहरादून। भारतीय शूटिंग टीम के कोच व पूर्व अंतरराष्ट्रीय शूटर जसपाल राणा का निधन हो गया है। उत्तराखंड के मूल निवासी जसपाल राणा ने आज सुबह मैक्स साकेत अस्पताल में अंतिम सांस ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर शोक जताया है।
जसपाल राणा अपने समय के जाने माने शूटर थे। वो एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट रहे थे। उन्होंने डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर को भी कोचिंग दी। जसपाल राणा भारत के पिस्टल शूटर्स के हाई परफॉर्मेंस कोच की भूमिका निभा रहे थे। म्यूनिख से नई दिल्ली लौटते समय विमान में ही जसपाल राणा को असहज महसूस हुआ. फ्लाइट के दिल्ली लैंड करने के बाद भी जसपाल राणा की स्वास्थ्य असहजता कम नहीं हुई तो उन्हें एयरपोर्ट से सीधे साकेत के मैक्स हॉस्पिटल ले जाया गया. मैक्स हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने जसपाल राणा का उपचार किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका और आज शुक्रवार सुबह उनका निधन हो गया।
जसपाल राणा का जन्म 1976 में उत्तराखंड के एक गढ़वाली परिवार में हुआ था। उनके पिता नारायण सिंह राणा ने 1971 के युद्ध में भाग लिया था। पिता ने ही जसपाल राणा को शुरुआती दौर में शूटिंग के लिए प्रशिक्षित किया था।
जसपाल राणा बहुत प्रतिभाशाली शूटर थे। उन्हें मात्र 18 वर्ष की आयु में अर्जुन पुरस्कार (1994) और पद्म श्री (1997) से सम्मानित किया गया था। उन्हें मदर टेरेसा द्वारा राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार भी प्रदान किया गया था। खेल के बाद, वे उत्तराखंड की राजनीति में भी सक्रिय रहे। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का प्रतिनिधित्व किया। जसपाल राणा ने देहरादून में जसपाल राणा शिक्षा एवं प्रौद्योगिकी संस्थान की स्थापना की, जो शारीरिक शिक्षा और खेल के क्षेत्र में युवाओं को प्रशिक्षित करता है। खेल में उनके योगदान को देखते हुए उन्हें राज्य के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, उत्तराखंड गौरव सम्मान से भी नवाजा गया था।
वे राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) के इतिहास में भारत के सबसे सफल निशानेबाजों में से एक रहे। उन्होंने 1994, 1998, 2002 और 2006 के संस्करणों में कुल 15 पदक (9 स्वर्ण, 4 रजत और 2 कांस्य) जीते थे। उन्होंने एशियाई खेलों में कुल 4 स्वर्ण पदक जीते। 2006 के दोहा एशियाई खेलों में उन्होंने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल स्पर्धा में 590 अंकों के साथ विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की थी।


