नवीनतमनैनीताल

DM से फोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड कर सार्वजनिक करने का आरोप, न्यूज पोर्टल को नोटिस

ख़बर शेयर करें -

नैनीताल। कुमाऊं मंडल में जिलाधिकारी से हुई दूरभाष वार्ता को कथित तौर पर बिना पूर्व सूचना या अनुमति के रिकॉर्ड कर सार्वजनिक किए जाने का मामला सामने आया है। प्रकरण में जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी), नैनीताल की ओर से संबंधित न्यूज पोर्टल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से पोर्टल से सात दिन के भीतर तथ्यात्मक और प्रमाण सहित जवाब मांगा गया है।

मामला 22 अगस्त को रामनगर में आयोजित सरस मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम से जुड़ा बताया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान उप जिलाधिकारी रामनगर ने जौनसारी संस्कृति के पारंपरिक नाटी नृत्य में मंच पर प्रतिभाग किया था। इसके बाद हेड लाइन न्यूज पोर्टल से जुड़े रोहित गोस्वामी ने जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत कर इस मामले में प्रशासनिक नियमों के तहत कार्रवाई की स्थिति जानने की कोशिश की थी।

Ad Ad

आरोप है कि जिलाधिकारी से हुई इस बातचीत को उनकी जानकारी के बिना रिकॉर्ड किया गया और बाद में रिकॉर्डिंग के अंश को समाचार एवं वीडियो के रूप में सार्वजनिक किया गया। मामले में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के तौर पर जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी), नैनीताल की ओर से तहसीलदार रामनगर के माध्यम से नोटिस तामील कराया गया है।

छह बिंदुओं पर मांगा जवाब

नोटिस में संबंधित न्यूज पोर्टल से रिकॉर्डिंग और उसके प्रसारण को लेकर कई बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा गया है। इसमें रिकॉर्डिंग की अनुमति, उसे सार्वजनिक करने का निर्णय, सामग्री के सत्यापन, प्रसारण किए गए प्लेटफॉर्म और पोर्टल की संपादकीय नीति समेत छह बिंदु शामिल हैं।

साथ ही पोर्टल से यह भी कहा गया है कि यदि वह उक्त रिकॉर्डिंग को वैध और पत्रकारिता के निर्धारित मानकों के अनुरूप मानता है तो इसके समर्थन में संबंधित साक्ष्य और प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं।

नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सात दिन की निर्धारित अवधि में जवाब नहीं मिलने अथवा प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में उपलब्ध तथ्यों के आधार पर प्रकरण जिलाधिकारी के समक्ष रखा जाएगा। इसके बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

वैध पत्रकारिता रोकना उद्देश्य नहीं

प्रशासन की ओर से जारी नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इसका उद्देश्य वैध पत्रकारिता या जनहित से जुड़ी खबरों के प्रकाशन को रोकना नहीं है। मामला मुख्य रूप से कथित रूप से बिना जानकारी या अनुमति के दूरभाष वार्ता की रिकॉर्डिंग और उसके सार्वजनिक प्रसारण से संबंधित है।

अब न्यूज पोर्टल की ओर से सात दिन के भीतर दिए जाने वाले जवाब और उसके साथ प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्यों पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी। प्रकरण सामने आने के बाद पत्रकारिता की स्वतंत्रता, जनहित में समाचार संकलन और दूरभाष वार्ता की रिकॉर्डिंग एवं प्रसारण से जुड़े दायित्वों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है।