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शौर्य, सम्मान और देशभक्ति के साथ चम्पावत में मनाया गया 80वां स्वतंत्रता दिवस

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चम्पावत। जनपद में 80वां स्वतंत्रता दिवस गरिमा, उत्साह और देशभक्ति के भाव के साथ मनाया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सामूहिक रूप से ‘वन्दे मातरम्’ के गायन के बाद राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इसके पश्चात राष्ट्रगान का सामूहिक गायन हुआ। पूरा कलेक्ट्रेट परिसर ‘महात्मा गांधी अमर रहें’, ‘जय हिन्द’, ‘वन्दे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के जयघोष से गूंज उठा।

जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों और वीर शहीदों को नमन करते हुए नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, शहीद भगत सिंह, राजगुरु, चन्द्रशेखर आजाद सहित देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले सभी अमर शहीदों को श्रद्धापूर्वक याद किया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों का त्याग एवं बलिदान सभी को राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा देता है।

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शहीद परिवारों की वीर माताओं और वीर नारियों का सम्मान

स्वतंत्रता दिवस पर जिलाधिकारी ने शहीद परिवारों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए वीर माताओं एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में श्रीमती हरु देवी, माता शहीद राहुल रंसवाल (ऑपरेशन विजय), श्रीमती बची देवी, माता शहीद सिपाही जगत सिंह (ऑपरेशन रक्षक), श्रीमती पार्वती देवी, पत्नी शहीद सिपाही विक्रम सिंह (ऑपरेशन रक्षक) तथा श्रीमती रूपी देवी, पत्नी शहीद सिपाही ज्वाला दत्त (भारत-पाक युद्ध 1971) शामिल रहीं।

साहस और मानवता दिखाने वाले ग्रामीणों को सम्मान

संकट की घड़ी में साहस, मानवता और तत्परता का परिचय देने वाले स्थानीय ग्रामीणों एवं युवाओं को भी जिलाधिकारी ने शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इनमें खाई में उतरकर झाड़ियों को काटकर रास्ता बनाने वाली रूकमणी जोशी एवं जानकी देवी, सड़क से करीब 200 मीटर नीचे खाई में उतरकर घायलों को बाहर निकालने वाले राकेश जोशी, सूरज जोशी एवं जोगा दत्त भट्ट तथा घायलों को मुख्य मार्ग तक लाने और अस्पताल पहुंचाने में सहयोग करने वाले भुवन चन्द्र जोशी, हिमांशु जोशी, राजेन्द्र सिंह, मनोज जोशी एवं चन्द्रप्रकाश भट्ट शामिल रहे। जिलाधिकारी ने सभी के साहस और मानवीय संवेदना की सराहना करते हुए कहा कि विपरीत परिस्थितियों में दूसरों की मदद के लिए आगे आना समाज के लिए प्रेरणादायी उदाहरण है।

देशभक्ति गीतों से गूंजा परिसर

कार्यक्रम में जीजीआईसी की छात्राओं ने देशभक्ति गीत ‘तेरा हिमालय’ और ‘मिट्टी के बेटे’ प्रस्तुत किए। छात्राओं की प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए संबोधन को वर्चुअल माध्यम से सुना गया। राष्ट्र निर्माण, विकास, जनकल्याण और नागरिकों के कर्तव्यों को लेकर दिए गए संदेश को अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सुना।

विकसित भारत के संकल्प को साकार करना जिम्मेदारी

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि भारत की विकास यात्रा अपनी विशिष्ट सभ्यता, लोकतांत्रिक मूल्यों और विविधता के साथ आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आजादी के 80 वर्षों में भारत ने लोकतंत्र, समानता और विविधता को साथ लेकर विकास की नई गाथा लिखी है। धर्म, भाषा, जाति और संस्कृति की विविधताओं के बावजूद भारत एक, अखंड और निरंतर प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता में गणित, विज्ञान, भूगोल, आयुर्वेद, योग और प्राचीन गणतांत्रिक परंपराओं का समृद्ध ज्ञान रहा है। आज देश विकसित भारत के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और इसे साकार करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से अपने दायित्वों का ईमानदारी, निष्ठा और पूरी जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करने का आह्वान किया।

मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती ने जनपद के शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने कर्तव्यों के प्रति संकल्पित होने का अवसर देता है। उन्होंने जनपद के विकास को गति देने, गांवों से पलायन रोकने और स्वयं सहायता समूहों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी ने कहा कि राष्ट्रीय हित में सौंपे गए दायित्वों का पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संकल्प के साथ निर्वहन करना ही राष्ट्र के प्रति सच्ची सेवा है। परियोजना निदेशक अजय सिंह ने भी सभी से अपने दायित्वों का मनोयोग और जिम्मेदारी के साथ पालन करने का आह्वान किया। महेश चौड़ाकोटी एवं चंद मोहन जोशी ने भी स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए वीर शहीदों को नमन किया।

नशामुक्ति की शपथ लेकर लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान ‘ड्रग फ्री देवभूमि’ अभियान के अनुरूप अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उपस्थित लोगों ने नशामुक्ति की शपथ ली। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने और समाज को भी नशे के दुष्प्रभावों से बचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संचालन कर रहे एस.ए. सिद्दकी ने देशभक्ति से ओत-प्रोत शेरो-शायरी के माध्यम से कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का संचार किया। उन्होंने कहा—

“जमीं पर घर बनाया है मगर जन्नत में रहते हैं,
ये हमारी खुशनसीबी है कि हम भारत में रहते हैं।”

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जीएस खाती, अपर जिलाधिकारी केएन गोस्वामी, परियोजना निदेशक अजय सिंह, एपीडी विम्मी जोशी, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल उम्मेद सिंह, एसडीएम बीसी पंत, एसडीएम उज्ज्वल डालाकोटी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, कर्मचारी एवं अन्य लोग मौजूद रहे।