एसएसजे कैंपस चम्पावत में ABVP को बड़ा झटका, अध्यक्ष पद पर भानु तड़ागी की धमाकेदार जीत
निर्दलीय भानु ने एबीवीपी के सागर मौनी को 536 वोट से हराया, अन्य प्रमुख पदों पर भी निर्दलीयों का कब्जा
चम्पावत। सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के चम्पावत कैंपस में छात्रसंघ चुनाव के नतीजों ने एबीवीपी को बड़ा झटका दिया है। अध्यक्ष पद पर निर्दलीय प्रत्याशी भानु तड़ागी ने एबीवीपी के सागर मौनी को 536 मतों के बड़े अंतर से हराकर जीत दर्ज की। भानु तड़ागी को 754 वोट मिले, जबकि सागर मौनी के खाते में 218 मत आए।

कैंपस निदेशक डॉ. सुभाष चंद्रा के अनुसार, छात्रसंघ चुनाव में कुल 984 मत पड़े। अध्यक्ष पद के नतीजों में निर्दलीय प्रत्याशी भानु तड़ागी को मिले 754 मतों के मुकाबले एबीवीपी प्रत्याशी सागर मौनी को 218 वोट मिले। इस तरह भानु ने 536 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद के अलावा उपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष छात्रा और कोषाध्यक्ष पद पर भी निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। सचिव और संयुक्त सचिव पद पर पहले ही निर्विरोध निर्वाचन हो चुका था। वहीं सांस्कृतिक सचिव, विश्वविद्यालय प्रतिनिधि और संकाय प्रतिनिधियों के पदों पर भी प्रत्याशियों का निर्वाचन हुआ। मंगलवार को कैंपस में मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मतदान के बाद मतगणना कर परिणाम घोषित किए गए। इसके बाद अधिष्ठाता छात्र कल्याण (DSW) डॉ. भवान सिंह ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
अध्यक्षः भानु तड़ागी (754) ने सागर मौनी (218) को हराया।
उपाध्यक्षः निकेश भट्ट (707) ने मोहित कुमार (223) को शिकस्त दी।
उपाध्यक्ष छात्राः हर्षिता भट्ट (668) ने रिद्धि सुदन (264) को पराजित किया।
कोषाध्यक्षः प्रीति (605) ने आंकित गोस्वामी (316) को हराया।
सचिवः ललित मोहन जोशी।
संयुक्त सचिवः शिवानी गिरी।
सांस्कृतिक सचिवः सुनीता भट्ट।
विश्वविद्यालय प्रतिनिधिः देवेंद्र सिंह नेगी।
कला संकायः कविता थ्वाल।
वाणिज्य संकायः अमित कुमार।
विज्ञान संकायः कोई नामांकन नहीं।
चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में प्रोक्टर डॉ. रविशंकर जोशी, डॉ. हनुमंत ओली, डॉ. गौरव माहेश्वरी, डॉ. कविता खत्री, डॉ. विनोद सार्की, डॉ. नूतन, डॉ. ज्योति पंत, डॉ. नेहा सामंत सहित अन्य सहायक प्रोफेसरों ने सहयोग किया।
एसएसजे विश्वविद्यालय कैंपस चम्पावत के चुनाव परिणाम में अध्यक्ष पद समेत कई प्रमुख पदों पर निर्दलीय प्रत्याशियों की जीत ने छात्रसंघ की नई तस्वीर सामने रखी है।

