चुनावी साल में धामी सरकार का बड़ा फैसला, 5 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं की निगरानी करेंगे सौरभ बहुगुणा
देहरादून। चुनावी वर्ष में उत्तराखंड सरकार ने बड़े विकास कार्यों की निगरानी के लिए नई व्यवस्था लागू की है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशानुसार अब विभिन्न विभागों की 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली जनहित परियोजनाओं की प्रगति पर नजर रखने की जिम्मेदारी कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार सभी मंत्रियों के निजी सचिवों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने विभागों में संचालित 5 करोड़ रुपये या उससे अधिक लागत वाली योजनाओं का विस्तृत विवरण और ब्रीफ नोट तैयार कर कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को भेजें। इसकी एक प्रति मुख्यमंत्री कार्यालय को भी उपलब्ध कराई जाएगी। यह आदेश मुख्यमंत्री के प्रमुख निजी सचिव भूपेंद्र सिंह बसेड़ा की ओर से जारी किया गया है। आदेश सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी व्यापक चर्चा शुरू हो गई है।
मुख्यमंत्री कार्यालय का कहना है कि यह व्यवस्था केवल बड़ी जनहित परियोजनाओं की प्रभावी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए बनाई गई है। सरकार चाहती है कि चुनावी वर्ष में सभी महत्वपूर्ण विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरे हों, ताकि जनता को उनका लाभ मिल सके। सूत्रों के अनुसार कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को उनकी सक्रिय कार्यशैली और त्वरित निर्णय क्षमता को देखते हुए यह जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा यह भी है कि कैबिनेट में कई वरिष्ठ मंत्रियों के रहते एक युवा मंत्री को इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने से भविष्य में समन्वय की चुनौती या असहज स्थिति पैदा हो सकती है। सरकार ने फिलहाल स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल प्रशासनिक सुविधा और विकास कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के उद्देश्य से उठाया गया है, न कि किसी मंत्री के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप के लिए।

