हल्द्वानी में दर्दनाक हादसा: बंद पानी की टंकी से निकली जहरीली गैस, एक ही परिवार के तीन लोगों की दम घुटने से मौत
हल्द्वानी (उत्तराखंड)। गौलापार क्षेत्र के मानपुर पश्चिम गांव में बुधवार को एक रोंगटे खड़े कर देने वाला हादसा सामने आया है। घर के बेसमेंट में बनी पानी की टंकी के लेंटर का ढोला (सटरिंग) खोलने के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में माँ और उनके दो सगे बेटे शामिल हैं। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।

बचाने के चक्कर में एक-एक कर समाते गए काल के गाल में
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मानपुर पश्चिम गांव निवासी परिवार घर के बेसमेंट में लंबे समय से बंद पड़ी पानी की टंकी का ढोला खोलने का काम कर रहा था। टंकी के भीतर पहले से ही जहरीली गैस जमा थी। जैसे ही परिवार का एक सदस्य टंकी के पास पहुंचा, वह जहरीली गैस और ऑक्सीजन की कमी के कारण बेहोश होने लगा। उसे तड़पता देख बचाने के प्रयास में परिवार के अन्य सदस्य भी एक-एक कर नीचे उतरते गए और वे भी उस जानलेवा गैस की चपेट में आते चले गए।
- मृतकों की पहचान:
- सरस्वती देवी (उम्र 55 वर्ष) – माँ
- धर्मेंद्र बिष्ट (उम्र 40 वर्ष) – बड़ा बेटा
- खुशाल बिष्ट – छोटा बेटा
स्थानीय लोगों और पड़ोसियों की मदद से तीनों को अचेत अवस्था में तत्काल हल्द्वानी के सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला हरकत में आया। ‘112’ पर मिली जानकारी के बाद चोरगलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया।
“लंबे समय से बंद बेसमेंट की टंकी में जहरीली गैस बनने के कारण यह हादसा हुआ है। गैस किस प्रकार की थी और उसकी सांद्रता कितनी थी, इसका सटीक कारण जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।”
— मोनिका आर्य, एसडीएम“112 पर सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों के सहयोग से तीनों को गंभीर अवस्था में सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया था, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।”
— मनोज कत्याल, एसपी सिटी
प्रशासन की महत्वपूर्ण चेतावनी और सतर्कता की अपील
इस दुखद हादसे के बाद पुलिस प्रशासन ने आम जनता से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
- सुरक्षा निर्देश: किसी भी लंबे समय से बंद टंकी, सेप्टिक टैंक या बेसमेंट में बिना पर्याप्त वेंटिलेशन (हवा की आवाजाही) और सुरक्षा उपकरणों के कतई प्रवेश न करें।
- जोखिम: ऐसे बंद स्थानों में ऑक्सीजन का स्तर बेहद कम हो जाता है और मीथेन या कार्बन मोनोऑक्साइड जैसी अत्यंत जहरीली गैसें जमा हो जाती हैं, जो चंद सेकंडों में जानलेवा साबित हो सकती हैं।

